चंदौली : अलीनगर में नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश, एक आरोपित गिरफ्तार
—गूगल और यू—ट्यूब से नकली नोट बनाने का तरीका सीखा था, 1000 हजार असली नोट के बाद 3500 रूपये का नकली नोट देता था
चदौली, 23 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में अलीनगर पुलिस और स्वाट पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार को नकली नोट छापने और इसकी आपूर्ति करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस टीम ने मानस नगर के निकट स्थित एक मकान में छापेमारी कर 100 रूपये के 55 जाली नोट, 452 अर्धनिर्मित जाली नोट और जाली नोट छापने के उपकरण बरामद किया। पुलिस टीम ने मौके से एक आरोपित को गिरफ्तार कर दो नाबालिगों को भी हिरासत में ले लिया।
सोमवार को गिरोह के गिरफ्तार सदस्य को मीडिया के सामने पुलिस लाइन सभागार में पेश किया गया। मुगलसराय क्षेत्राधिकारी (सीओ) अरुण कुमार सिंह, सीओ सदर देवेंद्र सिंह ने पूरे मामले की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की गहराई से जांच की जा रही है। घटनाक्रम की जानकारी देते हुए सीओ मुगलसराय ने बताया कि अलीनगर पुलिस और स्वाट की संयुक्त टीम आलमपुर अंडरपास के समीप संदिग्ध लोगों और वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि मानस नगर के समीप स्थित एक मकान में नकली नोट छापने का काम चल रहा है। इस पर पुलिस टीम ने त्वरित गति से मौके पर पहुंच कर मकान में छापा मारा।
मकान के अंदर से एक व्यक्ति और दो नाबालिगों को हिरासत में लेकर पुलिस टीम ने 100 रुपये के 55 जाली नोट, 57 अर्द्ध-निर्मित नोट, नोट छापने के पेपर, तीन प्रिंटर और एक लैपटॉप बरामद किया। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान बलुआ थाना क्षेत्र के महदेवा अमिलाई गांव निवासी उधम सिंह यादव के रूप में की गई। पूछताछ के दौरान आरोपित ने बताया कि उसने गूगल और यू—ट्यूब से नकली नोट बनाने का तरीका सीखा। वह 3500 रुपये के नकली नोट 1000 रुपये असली लेकर चलाने के लिए देता था। छापेमारी में अलीनगर थानाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय, स्वाट प्रभारी रामजन्म यादव और उनके हमराही शामिल रहे। सीओ ने बताया कि आरोपित के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की गई।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

