बिजनौर : जंगल में दंपति मौत का मामला 15 दिन बाद भी नहीं सुलझा, पति के कपड़े बने बड़े सवाल
बिजनौर, 30 सितम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर के थाना शहर कोतवाली के गाँव जलालपुर काजी में देशराज उर्फ छोटे और उनकी पत्नी सुषमा की मौत के 15 दिन बाद भी घटना की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस हत्या, आत्महत्या समेत सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मामले में सबसे बड़ा सवाल देशराज के कपड़ों को लेकर बना हुआ है, जो घटना के बाद से अब तक बरामद नहीं हो सके हैं।
पुलिस ने जंगल, गंगा किनारे और आसपास के खादर क्षेत्र में कई बार सर्च अभियान चलाया। संभल से आई डॉग स्क्वायड की मदद से भी संभावित सुराग तलाशे गए। पुलिस अब तक 25 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। घटनास्थल के आसपास घटना के समय सक्रिय मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाने के लिए मोबाइल टावरों का बीटीएस डेटा भी निकाला गया है।
14 सितंबर को लकड़ी लेने गए थे दंपती
देशराज और सुषमा 14 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे घर से लकड़ी लेने जंगल गए थे। अगले दिन 15 सितंबर की सुबह करीब नौ बजे दोनों के शव अलग-अलग स्थानों पर मिले। दोनों शवों के बीच करीब एक किलोमीटर की दूरी थी। देशराज का शव पेड़ पर फंदे से लटका मिला, जबकि सुषमा का शव गंगा के पानी में गिरे शहतूत के पेड़ से बंधा मिला था।
पति के ऊपरी कपड़े गायब, पत्नी की सलवार भी नहीं मिली
घटना में सबसे अधिक सवाल देशराज के कपड़ों को लेकर उठ रहे हैं। पेड़ पर फंदे से लटके मिले देशराज के शरीर पर ऊपरी कपड़े नहीं थे। वहीं सुषमा की सलवार भी गायब थी। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि सुषमा की सलवार देशराज ने पहन रखी थी। इसके बाद पुलिस ने गंगा खादर में कई दिनों तक कपड़ों की तलाश की, लेकिन अभी तक उनका कोई पता नहीं चल सका है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार देशराज की मौत फंदे पर लटकने से हुई थी, जबकि सुषमा की मौत गला घोंटने से हुई। जांच के दौरान पुलिस ने एक समय यह आशंका जताई थी कि देशराज ने पत्नी की हत्या करने के बाद खुद फंदे से लटककर जान दे दी। हालांकि, कपड़ों के गायब होने समेत कुछ अन्य सवालों के चलते पुलिस अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। एडीजी और डीआईजी भी घटनास्थल का निरीक्षण कर चुके हैं।
बीटीएस डेटा से बाहरी लोगों की तलाश
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय दंपती के अलावा कोई अन्य व्यक्ति घटनास्थल के आसपास मौजूद था या नहीं। इसके लिए आसपास के मोबाइल टावरों का बीटीएस डेटा जुटाकर सक्रिय मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया जा रहा है। उस दिन गंगा में मछली पकड़ने पहुंचे मछुआरों से भी पूछताछ की गई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।
सीओ सिटी अभय पांडे ने बताया कि 25 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। पुलिस सभी संभावित बिंदुओं पर जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / नरेन्द्र

