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बिजनौर : मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर वसूली करने वाले गिरोह के दो और आरोपित गिरफ्तार

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बिजनौर : मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर वसूली करने वाले गिरोह के दो और आरोपित गिरफ्तार


बिजनौर, 14 सितम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर के थाना कोतवाली शहर पुलिस ने मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर रुपये मांगने के मामले में गिरोह से जुड़े दो और आरोपिताें को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपिताें की पहचान मौ. आसिफ पुत्र मौ. असगर, निवासी ग्राम औरंगपुर टिक्कू उर्फ नारायणपुर थाना मंडावली तथा दिलशाद पुत्र अब्दुल रहमान, निवासी मोहल्ला सादात, कस्बा झालू थाना हल्दौर के रूप में हुई है।

बिजनौर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि मौ. अहसान पुत्र अल्लादिया, निवासी मोहल्ला काजीपाड़ा, उमर कॉलोनी, बिजनौर की तहरीर पर थाना कोतवाली शहर में मुकदमा अपराध संख्या 706/2026, धारा 61(2)/308(5) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि नामजद आरोपिताें और अन्य अज्ञात व्यक्तियों द्वारा वादी को झूठे मुकदमे में फंसाने तथा मुकदमा वापस लेने के लिए रुपये की मांग की गई।

इसी प्रकरण से संबंधित एक अन्य मुकदमा थाना नूरपुर में भी दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि 7 सितंबर 2026 को मुख्य आरोपित जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा, अफजाल, गुड्डी, कुंती और प्रीति को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब दो और आरोपिताें की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस की विवेचना के अनुसार, मुख्य आरोपित जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा कथित रूप से एक गिरोह का संचालन करता था। इसमें अफजाल, गुड्डी, कुंती, प्रीति, मौ. आसिफ, दिलशाद और अन्य सहयोगियों के शामिल होने की बात सामने आई है।

पुलिस का दावा है कि गिरोह द्वारा लोगों के आपसी विवाद, पुरानी रंजिश और अन्य मामलों की जानकारी जुटाकर उन्हें अपने प्रभाव में लिया जाता था। इसके बाद मुकदमों में समझौता कराने के नाम पर डराने-धमकाने और धनराशि की मांग करने का आरोप है। मांग पूरी न होने पर महिलाओं और अन्य सहयोगियों के माध्यम से विभिन्न थानों व जनपदों में गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज कराने तथा न्यायालयों में परिवाद प्रस्तुत करने की बात भी विवेचना में सामने आई है।

पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में बिजनौर सहित विभिन्न जनपदों में आरोपियों और उनके सहयोगियों के विरुद्ध कई मुकदमे व परिवाद दर्ज होने की जानकारी मिली है। हालांकि, इन सभी मामलों की वास्तविकता और आरोपों की पुष्टि संबंधित विवेचनाओं व न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही होगी।

जमीन विवाद से जुड़े मामलों की भी जांच

पूछताछ में आरोपित दिलशाद ने पुलिस को बताया कि वह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। उसके चचेरे भाई रिजवान के नाम करीब 2200 गज जमीन कराए जाने के बाद जमीन वापस करने को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस के अनुसार, इसी विवाद के बाद रिजवान और उसके पुत्र के विरुद्ध मुकदमे दर्ज कराने तथा धनराशि वसूलने के उद्देश्य से दबाव बनाने की बात सामने आई है।

बिजनौर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि दिलशाद ने वर्ष 2025 में नजीबाबाद निवासी साहिल के विरुद्ध कोतवाली शहर बिजनौर में बलात्कार का मुकदमा तथा वर्ष 2020 में थाना रजबपुर, अमरोहा में गैंगरेप और वर्ष 2025 में थाना मंडावली, बिजनौर में बलात्कार व गैंगरेप के मुकदमे दर्ज कराने की बात भी पूछताछ में बताई है। पुलिस इन बयानों और संबंधित मुकदमों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपित मौ. आसिफ वर्तमान में पीएसी की 24वीं वाहिनी, मुरादाबाद में तैनात है। पूछताछ में उसने बताया कि वैवाहिक विवाद के बाद उसके परिवार के विरुद्ध मुकदमे दर्ज हुए थे। इसी दौरान उसकी मुलाकात बब्बू लंगड़ा और नौशाद से हुई, जिन्होंने उसकी और उसके भाई की जमानत कराने में मदद की। आरोपित के अनुसार बाद में अफजाल भी उसके संपर्क में आया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में मौ. अहसान और उसके परिवार के विरुद्ध न्यायालय में परिवाद दाखिल कराने तथा अन्य मुकदमों के संबंध में भी जानकारी मिली है।

अन्य आरोपिताें की गिरफ्तारी के लिए जांच जारी

पुलिस ने बताया कि मामले में गहनता से विवेचना की जा रही है। जांच के दौरान जो भी अन्य व्यक्ति प्रकाश में आएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि प्रकरण में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / नरेन्द्र