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वरिष्ठ पत्रकार दिलीप शुक्ला के परिजनों पर जानलेवा हमला, घर में घुसकर मारपीट और दबंगई की

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-दर्जन भर हमलावराें के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

लखनऊ/ गोंडा, 24 जून (हि.स.)। लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार दिलीप शुक्ला के परिजनों पर गोंडा जिले में पैतृक गांव में जानलेवा हमला किया गया है। दर्जन भर दबंग पड़ाेसी अतिक्रमण की नीयत से जेसीबी चलाने लगे और आवाज सुनकर अपने खेत में देखने गए दिलीप शुक्ला के भतीजों चंद्रभूषण (उम्र 23) और रघुकुल भूषण शुक्ला (19) पुत्रगण हरीश शुक्ल पर दबंग हमलावर हो गए। एकमत होकर इन लोगों ने दाेनाें भतीजाें पर लाठी डंडो से जानलेवा हमला कर दिया। आईफोन छीन ले गए और जिन्हें बाद में पुलिस ने बरामद करवाया। इस मामले में स्थानीय पुलिस थाने में दर्जन भर आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है।

यह घटना बुधवार सुबह लगभग साढ़े नाै बजे वरिष्ठ पत्रकार दिलीप शुक्ला के पैतृक गांव ग्राम बेलवा भान, थाना कौडिया जिला गोंडा की है। कौडिया थाने में पीड़ित परिवार की ओर से दी गयी तहरीर में कहा गया है कि बुधवार सुबह लगभग साढ़े नाै बजे जब दिलीप शुक्ल के परिजन अपने घर के बाहर बैठे हुए थे, तभी खेत से जेसीबी चलने की आवाज सुनाई दी तो हरीश कुमार शुक्ल के दोनोें बेटे चंद्र भूषण शुक्ल और रघुकूल भूषण शुक्ल अपने खेत की ओर यह देखने के लिए गए थे कि क्या हो रहा है। इसी बीच घटनास्थल खेत में पहले से उपस्थित मनोज शुक्ल, विवेक शुक्ल, संजय शुक्ल पुत्रगण कौशल किशोर शुक्ल, कौशल किशोर, राजित राम, राजू राम पुत्रगण जुगला शरण, प्रथम शुक्ल पुत्र मनोज शुक्ल, प्रशांत पांडेय, विजय शुक्ल, अजय शुक्ल पुत्रगण राजित राम शुक्ल, दुर्गेश शुक्ल, प्रवेश शुक्ल पुत्रगण राजू राम शुक्ला संगठित होकर जान से मारने की धमकी देते हुए वीडियो बनाने का झूठा आरोप लगाते हुए दाेनाें भतीजाें पर उपर सभी हमलावर हो गए, लाठी डंडों, लात घूसों से मारने लगे तभी शाेरगुल सुनकर परिजन दाैड़ते हुए घटनास्थल पहुंचे। वहां देखा कि चंद्रभूषण शुक्ला बेहोश पड़ा था और हमलावर लगातार पीट रहे थे। परिजनाें ने जब बीच बचाव करने की काेशिश की ताे हमलावर उन पर हमलावर हाे गए। और जब पीड़ित परिवार अपने घर की ओर बढ़ा ताे दबंग पीछा करते हुए घर के पाेर्च में घुस गए और वहां भी मारपीट करने लगे और फिर जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए।

स्थानीय पुलिस ने इस हमले में शामिल दर्जन भर आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 ( बीएनएस ) की धारा 191 (2), 351 (3), 115 (2) ,333 और 110 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है लेकिन अभी तक किसी आराेपित की गिरफ्तारी नहीं हाे पायी है। इस घटना से गांव में दहशत का माहाैल है और आराेपिताें द्वारा लगातार कानून व्यवस्था काे चुनाैती दी जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह