दो मासूमो की मौत के 16 दिन बाद आराेपित पटाखा फैक्ट्री संचालक ने किया कोर्ट में आत्मसमर्पण
बिजनौर,6 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर में थाना शेरकोट क्षेत्र में गांव वाजिदपुर के जंगल में पटाखा फैक्ट्री के पास हुए विस्फोट में दो मासूम बच्चों की मौत के मामले में फरार चल रहे पटाखा फैक्ट्री संचालक ने मंगलवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। मुख्य आरोपित खुर्शीद उर्फ पव्वा के सरेंडर करने के बाद न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। घटना के बाद से पुलिस आरोपित की तलाश में जुटी थी।
गांव वाजिदपुर के जंगल में पटाखा फैक्ट्री के पास कुछ दिन पहले पटाखों के अवशेष में हुए विस्फोट की चपेट में आने से दो बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए थे। हादसे में घायल दोनों बच्चों को उपचार के लिए पहले स्थानीय स्तर पर ले जाया गया था। हालत गंभीर होने पर उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उपचार के दौरान दोनों बच्चों की मौत हो गई थी। मामले में मृत बच्चों के पिता की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। इसमें पटाखा फैक्ट्री संचालक खुर्शीद उर्फ पव्वा को मुख्य आरोपित बनाया गया था। घटना के बाद से आरोपित फरार चल रहा था। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी।
थाना प्रभारी रामप्रताप सिहं ने बताया कि इस मामले में अब तक दो आरोपिताें को गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। मुख्य आरोपित खुर्शीद उर्फ पव्वा लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर था। पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी के बढ़ते दबाव के बीच मंगलवार को उसने पुलिस के सामने आने के बजाय न्यायालय पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट में आत्मसमर्पण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद न्यायालय ने आरोपित को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस अब मामले में आगे की विवेचना और विस्फोट से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नरेन्द्र

