नाबालिग से दुष्कर्म और छेड़छाड़ के दोषी को 10 साल की सजा, कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया
लखीमपुर खीरी, 02 अप्रैल (हि.स.)। लखीमपुर खीरी की विशेष पॉक्सो अदालत ने 10 साल पुराने मामले में कड़ा फैसला सुनाते हुए मासूम बच्चियों की सुरक्षा के प्रति सख्त संदेश दिया है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) प्रथम न्यायाधीश नूरी अंसार ने बुधवार काे नाबालिग से छेड़छाड़ और दुष्कर्म के आरोपित शरीफ को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ब्रजेश पांडे ने गुरुवार काे बताया कि मामला थाना निघासन के ग्राम पढुआ का है। 2 फरवरी 2016 को पीड़ित लड़की (उम्र 14 वर्ष) जानवरों के लिए चारा लेने गई थी। वहां आरोपी शरीफ पुत्र नत्था ने उसे अकेला पाकर जबरन पकड़ लिया और उसके साथ अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। जब पीड़िता ने विरोध किया, तो आरोपित ने उसके कपड़े फाड़ दिए, उसके साथ मारपीट की और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता के पिता की तहरीर पर थाना निघासन में 6 फरवरी 2016 को मुकदमा अपराध संख्या 38/2016 पंजीकृत किया गया था। विवेचना के दौरान विवेचक संजीव वर्मा ने गवाहों के बयान दर्ज किए और साक्ष्य जुटाए। पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध निम्नलिखित धाराओं में आरोप पत्र (चार्जशीट) न्यायालय में दाखिल की। आरोपी पर धारा 376, धारा 354B, धारा 323, धारा 506, धारा 3/4 पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया था।
अदालत में मामले को सजा तक पहुँचाने के लिए विशेष लोक अभियोजक बृजेश कुमार पांडे ने प्रभावी पैरवी की। अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता और उसके पिता के अलावा, विवेचक संजीव वर्मा, प्रधानाचार्य अरविंद कुमार और चिक लेखक संगीता गौतम समेत महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही कराई गई। इसके अतिरिक्त 7 दस्तावेजी साक्ष्य भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अभियुक्त शरीफ को दोषी पाया। कोर्ट ने उसे 10 साल जेल की सजा सुनाई और अर्थदंड भी लगाया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / देवनन्दन श्रीवास्तव

