अनूपपुर: जमीन के बंटवारे को लेकर भतीजे की हत्या करने वाला चाचा 24 घंटे में गिरफ्तार
अनूपपुर, 14 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र के बरटोला बसनिहा गांव में जमीन के विवाद ने खूनी रूप ले लिया। पूर्व में हुए जमीन के बंटवारे में और जमीन देने की मांग को लेकर 50 वर्षीय चाचा ने अपने 40 वर्षीय भतीजे प्रमोद सिंह मरावी पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद खेत में छिपे आरोपी चाचा दल सिंह मरावी उर्फ बारे लाल को पुलिस ने घेराबंदी कर 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार घटना 12 अगस्त की है। मृतक के छोटे भाई विनोद सिंह मरावी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि प्रमोद सुबह करीब 7 बजे खेत जाने की बात कहकर घर से निकले थे। दोपहर करीब 1 बजे ग्रामीणों ने फोन कर बताया कि दल सिंह मरावी ने अपने घर की परछी में प्रमोद पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया है। सूचना मिलते ही विनोद अपने पड़ोसी ज्ञानेन्द्र सिंह के साथ मौके पर पहुंचा। वहां प्रमोद का खून से लथपथ शव पड़ा था।
सिर से पीठ तक कुल्हाड़ी के वार
पुलिस जांच में सामने आया कि प्रमोद के सिर, गर्दन, दोनों जबड़ों, दाहिने हाथ की कलाई और पीठ पर धारदार हथियार से गंभीर चोटों के निशान थे। अत्यधिक रक्तस्राव के चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में हत्या की वजह जमीन के बंटवारे से जुड़ा विवाद सामने आया है। आरोपी दल सिंह अपने भतीजे प्रमोद से पूर्व में हुए बंटवारे में और जमीन देने की मांग कर रहा था। प्रमोद के इनकार के बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया था।
हत्या के बाद खेत में छिपा था आरोपी
राजेंद्रग्राम थाना प्रभारी वीरेंद्र बरकडे ने बताया कि हत्या के बाद आरोपी घर से फरार होकर अपने खेत में छिप गया था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने खेत की घेराबंदी कर दल सिंह को दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 103(1) बीएनएस के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल कुल्हाड़ी भी जब्त कर ली है।
इनकी रही भूमिका
कार्रवाई में सउनि यादवेन्द्र सिंह, अवधलाल अहिरवार, दीप चंद वर्मन, प्रधान आरक्षक राजेन्द्र यादव, वीरेंद्र सिंह मार्को, प्रेम सिंह और आरक्षक विनोद कुमार शामिल रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

