चेक बाउंस मामले में आरोपी को एक साल की सजा, 50 हजार रुपये जुर्माना
ऊना, 18 अगस्त (हि.स.)। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अम्ब, जतिंदर कुमार की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी प्रबंध निदेशक एमएस बी.एम. निधि लिमिटेड, ज्वाली, जिला कांगड़ा को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को एक वर्ष के साधारण कारावास तथा 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
शिकायतकर्ता कुसुम लता, निवासी कुठेड़ा खैरला, अम्ब ने बी.एम. निधि लिमिटेड की अम्ब स्थित शाखा में आर.डी. खाता खुलवाया था। खाते में नियमित रूप से राशि जमा की जा रही थी। आर.डी. मैच्योर होने पर कंपनी की ओर से भुगतान के लिए पंजाब नेशनल बैंक, शाखा कांगड़ा का 39,360 रुपये का चेक नंबर 307846, दिनांक 15 जुलाई 2020 जारी किया गया था। शिकायतकर्ता ने जब उक्त चेक को अपने बैंक खाते में जमा करवाया तो 25 अगस्त 2020 को अपर्याप्त राशि के कारण चेक बाउंस हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अपने अधिवक्ता अश्वनी अरोड़ा के माध्यम से 10 सितंबर 2020 को आरोपी को कानूनी नोटिस भेजकर चेक की राशि का भुगतान करने की मांग की। भुगतान नहीं होने पर धारा 138, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत अम्ब की अदालत में शिकायत दायर की गई।
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता के अधिवक्ता अश्वनी अरोड़ा ने बैंक रिकॉर्ड सहित अन्य साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। अदालत ने साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद आरोपी को चेक बाउंस के मामले में दोषी पाया।अदालत ने आरोपी को एक वर्ष के साधारण कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकास कौंडल

