नौकरी और लोन के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार
देहरादून, 24 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपित नौकरी और आसान लोन दिलाने के नाम पर लोगों से बैंक खाते खुलवाकर उनका इस्तेमाल ओएलएक्स फ्रॉड समेत विभिन्न साइबर अपराधों में करते थे।
एसटीएफ के अनुसार आई4सी के एनसीआरपी पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के विश्लेषण, तकनीकी सर्विलांस और डिजिटल इंटेलिजेंस के आधार पर कार्रवाई की गई। इंडसइंड बैंक के एक संदिग्ध खाते की जांच के दौरान उसके विभिन्न साइबर वित्तीय धोखाधड़ी में इस्तेमाल होने का पता चला। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आशारोड़ी चेकपोस्ट पर राजस्थान नंबर की एक स्कॉर्पियो को रोककर दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान राजस्थान के डींग निवासी राहुल मोहम्मद और गोरखपुर निवासी शिवांश उपाध्याय (हाल निवासी लखनऊ) के रूप में हुई है।
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर निजी कंपनियों में नौकरी और आसान लोन दिलाने के नाम पर विज्ञापन प्रसारित करते थे। इच्छुक लोगों से व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क कर उनके नाम पर इंडसइंड बैंक में ऑनलाइन खाते खुलवाए जाते थे, जबकि मोबाइल नंबर, इंटरनेट बैंकिंग और खातों का पूरा नियंत्रण आरोपित अपने पास रखते थे। बैंक किट और एटीएम कार्ड डाक से मंगाकर उन्हीं खातों का उपयोग ओएलएक्स पर फर्जी खरीद-बिक्री और अन्य साइबर अपराधों से प्राप्त धनराशि के लेनदेन में किया जाता था।
एसटीएफ ने आरोपितों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, इंडसइंड बैंक की पांच बैंक किट (एटीएम कार्ड एवं चेकबुक सहित), एक आधार कार्ड, 15 हजार रुपये नकद और साइबर अपराध से संबंधित डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य बरामद किए हैं।
पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, देहरादून में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 61(2) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरोह का एक अन्य सदस्य ओएलएक्स पर फर्जी सौदों के जरिए लोगों से ठगी करता था, जबकि गिरफ्तार आरोपित बैंक खाते उपलब्ध कराने और ठगी की रकम निकालने का काम करते थे। एसटीएफ के अनुसार, राहुल मोहम्मद वर्ष 2024 में राजस्थान में साइबर ठगी के एक मामले में जेल भी जा चुका है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन खरीद-बिक्री के दौरान किसी भी अज्ञात व्यक्ति के भेजे गए क्यूआर कोड को स्कैन न करें, अग्रिम भुगतान से पहले संबंधित व्यक्ति की सत्यता की जांच करें और नौकरी या लोन के नाम पर किसी को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या मोबाइल नंबर उपलब्ध न कराएं। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

