home page

विदेशी नागरिकों से ठगी के आरोप में देहरादून से पांच गिरफ्तार

 | 
विदेशी नागरिकों से ठगी के आरोप में देहरादून से पांच गिरफ्तार


- एंटीवायरस ऐप देने के नाम पर 100 डॉलर के गिफ्ट कार्ड लेते थे आरोपित, पांच हजार विदेशी नागरिकों के नंबर खरीदने का दावा

देहरादून, 13 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में किराये के फ्लैट से कथित फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर विदेशी नागरिकों से ठगी करने के आरोप में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 14 मोबाइल फोन, चार लैपटॉप, एक आईपैड और तीन वाहन समेत अन्य उपकरण बरामद किए हैं।

पुलिस के मुताबिक, राजपुर थाना क्षेत्र के तरला नागल रोड स्थित आर्चिड पार्क के एक फ्लैट में अवैध रूप से कॉल सेंटर संचालित किए जाने की सूचना पर 12 और 13 अक्टूबर की मध्यरात्रि छापा मारा गया। मौके से पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। उनकी पहचान आशीष नागर, अक्षत शर्मा, अंशु मुद्गल, राज सिंह और अभिनव सिंह के रूप में हुई है। इनमें तीन मेरठ और दो सुलतानपुर के निवासी हैं।

पूछताछ में मुख्य आरोपित आशीष नागर ने बताया कि वह पहले नोएडा के एक कॉल सेंटर में काम करता था। वहां विदेशी नागरिकों को फोन कर इसी तरह ठगी की जाती थी। करीब तीन महीने पहले नौकरी छोड़कर देहरादून आने के बाद उसने राजपुर क्षेत्र में किराये पर फ्लैट लेकर अपने साथियों के साथ कॉल सेंटर शुरू किया।

पुलिस का कहना है कि आरोपितों ने विदेशी नागरिकों के करीब पांच हजार मोबाइल नंबर खरीदे थे। वे गूगल वॉइस ऐप के माध्यम से इन नंबरों पर कॉल कर मोबाइल या लैपटॉप में खराबी होने की बात कहते थे और उसे ठीक करने के नाम पर एंटीवायरस ऐप उपलब्ध कराने का झांसा देते थे। इसके बदले ग्राहकों से 100 डॉलर मूल्य का गिफ्ट कार्ड खरीदकर उसका नंबर या फोटो भेजने को कहा जाता था।

पुलिस के मुताबिक,गिफ्ट कार्ड मिलने के बाद आरोपितों की ओर से सभी ग्राहकों को एंटीवायरस ऐप उपलब्ध नहीं कराया जाता था। वे इन कार्ड को कम कीमत पर दूसरे लोगों को बेच देते थे। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि कथित ठगी के अधिकांश शिकार अमेरिका और कनाडा के नागरिक थे।

पुलिस के अनुसार आरोपित कुछ समय तक एक स्थान पर कॉल सेंटर संचालित करने के बाद जगह बदल देते थे,ताकि उनकी गतिविधियों का पता न चल सके। मौके से बरामद तीन वाहनों को सीज कर दिया गया है। पुलिस ने पांचों आरोपितों के खिलाफ राजपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।

-------

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय