नकली दवा गिरोह का मुख्य सरगना बिजनौर से गिरफ्तार
देहरादून, 22 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने नकली दवाओं के निर्माण, बिक्री और आपूर्ति करने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसके कथित मुख्य सरगना को उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान विशद कुमार पुत्र भीम सिंह, निवासी चांदपुर, बिजनौर के रूप में हुई है।
एसटीएफ के अनुसार, विशद कुमार पूर्व में कोटद्वार स्थित मैसर्स नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स कंपनी का मालिक रह चुका है। इस कंपनी पर वर्ष 2021 में कोरोना महामारी के दौरान नकली रेमडेसिविर के निर्माण के आरोप लगे थे। वर्ष 2024 में तेलंगाना पुलिस द्वारा कंपनी के संबंध में कार्रवाई और दवाओं के नमूने लिए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। कंपनी का औषधि निर्माण लाइसेंस पहले ही निरस्त किया जा चुका है।
एसटीएफ ने बताया कि प्रतिष्ठित फार्मा कंपनियों के नाम पर नकली दवाएं तैयार कर ऑनलाइन माध्यम से बेचने वाले गिरोह के खिलाफ सीसीपीएस देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), कॉपीराइट अधिनियम, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं में अभियोग दर्ज कर जांच की जा रही है।
जांच के दौरान एसटीएफ ने गिरोह के दो सदस्यों जतिन निवासी संभल और गौरव त्यागी निवासी देहरादून को पहले गिरफ्तार किया था। पूछताछ और विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर टीम ने गिरोह के कथित मुख्य सरगना विशद कुमार को चांदपुर से गिरफ्तार किया।
एसटीएफ के मुताबिक, 23 मई 2026 को सिडकुल सिगड्डी, कोटद्वार स्थित मैसर्स नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स में नकली दवाओं के अवैध निर्माण की सूचना पर संबंधित विभागों के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई थी। मौके से करीब तीन किलोग्राम कम्प्रेस्ड टैबलेट और टैबलेट निर्माण में इस्तेमाल होने वाले 34 पंच उपकरण बरामद किए गए थे। इसके बाद फैक्ट्री को नियमानुसार सीज कर दिया गया था।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने आमजन से दवाएं केवल अधिकृत और लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर से खरीदने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नकली दवाओं, अवैध औषधि निर्माण अथवा बिना वैध लाइसेंस संचालित फैक्ट्री की जानकारी एसटीएफ को दी जाए। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

