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फर्जी डेबिट कार्ड से 50 लाख की निकासी मामले में महिला समेत तीन गिरफ्तार

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फर्जी डेबिट कार्ड से 50 लाख की निकासी मामले में महिला समेत तीन गिरफ्तार


हरिद्वार, 19 जुलाई (हि. स.)। उत्तराखंड के हरिद्वार में नगर कोतवाली पुलिस ने आईसीआईसीआई बैंक के एक खाताधारक के खाते से करीब 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी से निकासी के मामले का खुलासा करते हुए एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 लाख रुपये नकद, एक प्लॉट की रजिस्ट्री, एक स्कूटी, मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, आईसीआईसीआई बैंक की पुराना रानीपुर मोड़ शाखा के प्रबंधक अपूर्व दुबे की शिकायत पर आठ अक्टूबर 2025 को नगर कोतवाली में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया था कि एक खाताधारक के खाते से लगभग एक महीने के दौरान करीब 50 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन हुए हैं। बाद में खाताधारक ने बैंक की बेंगलुरु शाखा में शिकायत कर बताया कि निकासी उसकी जानकारी के बिना की गई है।

जांच के दौरान पुलिस को कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबरों का पता चला। तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन के आधार पर भगवानपुर क्षेत्र में दबिश देकर मंडावर के खेड़ी शिकोहरपुर से संगीता देवी, रीनू कुमार उर्फ सोनू और अपेन्दर कुमार सहगल को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने संगीता देवी के पास से तीन लाख रुपये नकद, दो आधार कार्ड, आकाश सिन्हा के नाम का आईसीआईसीआई बैंक का डेबिट कार्ड, डेबिट कार्ड आवेदन पत्र और दो मोबाइल फोन बरामद किए। अपेन्दर कुमार के पास से चार लाख रुपये नकद और मोबाइल फोन, जबकि रीनू कुमार के पास से छह लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन और आधार कार्ड बरामद हुए।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि फर्जी आधार कार्ड और फोन बैंकिंग की मदद से खाताधारक के नाम पर नया डेबिट कार्ड जारी कराया गया। इसके बाद एटीएम से नकदी निकालकर उससे ज्वेलरी, जमीन और एक स्कूटी खरीदी गई। ज्वेलरी बेचकर मिले करीब 12 लाख रुपये से संगीता देवी के नाम पर एक प्लॉट भी खरीदा गया।

पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की न्यायिक कार्रवाई की जा रही है। मामले में शामिल गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला