उज्जैनः मेडिकल कॉलेज के फर्जी प्राचार्य को सायबर पुलिस ने पश्चिम बंगाल से पकड़ा
उज्जैन, 11 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के एक प्रमुख आरोपी को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार को पुलिस उसे उज्जैन लायी।
गिरोह का मास्टरमाइंड पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी छीपा हुआ था। आरोपी पर कटिहार मेडिकल कॉलेज, बिहार के प्राचार्य बनकर एक अभिभावक से 4 लाख 25 हजार रुपये ऑनलाइन ठगने का आरोप है। पुलिस उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और साथियों की जानकारी जुटाने में लगी है।
पुलिस के अनुसार मंच्छामन चौराहा निवासी सतीश चंद्र पटेल ने नीलगंगा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बेटे के एमबीबीएस में प्रवेश को लेकर एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया। आरोपी ने खुद को कटिहार मेडिकल कॉलेज ,बिहार का प्राचार्य बताते हुए कहा कि कॉलेज में एक सीट खाली है और यदि तुरंत प्रक्रिया पूरी कर दी जाए तो प्रवेश हो सकता है। आरोपी ने विश्वास में लेने के लिए फरियादी से शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों सहित अन्य जरूरी पहचान संबंधी दस्तावेज मंगवाए। इसके बाद सीट बुकिंग और प्रवेश प्रक्रिया का हवाला देते हुए 15 से 17 फरवरी,2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 4 लाख 25 हजार रु. ऑनलाइन जमा करवा लिए।
कॉलेज पहुंचने पर खुला पूरा राजरुपये मिलने के बाद आरोपी ने व्हाट्सएप के माध्यम से राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के नाम से कथित पत्र, प्रवेश आवंटन पत्र और अन्य दस्तावेज भेजे, जिससे पीडि़त को विश्वास हो गया कि उसके बेटे का प्रवेश हो चुका है। जब सतीश पटेल स्वयं कटिहार मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो वहां उन्हें सच्चाई का पता चला। कॉलेज के वास्तविक प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि संबंधित मोबाइल नंबर उनका नहीं है, कॉलेज में कोई सीट खाली नहीं थी और भेजे गए सभी दस्तावेज फर्जी हैं। इसके बाद पीडि़त को अपने साथ हुई साइबर धोखाधड़ी का एहसास हुआ और उन्होंने उज्जैन लौटकर नीलगंगा थाने में मामला दर्ज कराया।
तकनीकी जांच से मिला सुरागपुलिस ने साइबर सेल की सहायता से जांच शुरू की। जांच के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, ई-मेल आईडी, डिजिटल ट्रांजेक्शन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। जांच के आधार पर आरोपी की पहचान पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी निवासी 45 वर्षीय सुमन्त्र गुप्ता के रूप में हुई। पुलिस टीम सिलीगुड़ी पहुंची और आरोपी को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करने के बाद उसे शनिवार को उज्जैन लाया गया।
इनका कहना है..नीलगंगा थाना प्रभारी तरूण कुरील ने बताया कि तथ्यों के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि इस साइबर ठगी में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। ठगी की रकम किन बैंक खातों में पहुंची। उसका उपयोग कहां हुआ और डिजिटल नेटवर्क किस तरह संचालित किया जा रहा था।
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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्वेल

