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उदयपुर के दोहरे हत्याकांड का खुलासा, लूट की साजिश रचने वाले पड़ोसी समेत पांच गिरफ्तार

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उदयपुर के दोहरे हत्याकांड का खुलासा, लूट की साजिश रचने वाले पड़ोसी समेत पांच गिरफ्तार


उदयपुर, 27 अगस्त (हि.स.)। उदयपुर जिले के सायरा थाना क्षेत्र के पुनावली गांव में बुजुर्ग दंपती की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए कुछ छह में से पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने लूट की नीयत से वारदात को अंजाम दिया था। हत्या की साजिश मृतक दंपती के पड़ोसी कुशल पालीवाल ने अपने साथियों के साथ मिलकर रची थी। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त वाहन भी बरामद किया है।

महानिरीक्षक पुलिस उदयपुर रेंज उदयपुर गौरव श्रीवास्तव के निर्देशानुसार पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम गठित की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय उदयपुर मुकुल शर्मा और छगन पुरोहित के निर्देशन में सायरा थानाधिकारी शैतानसिंह ने टीम के साथ अनुसंधान किया।

गौरतलब है कि 12 अगस्त को धुलीराम पालीवाल निवासी पुनावली ने रिपोर्ट दी थी कि उसके 70 वर्षीय बड़े भाई लहरीलाल और उनकी 67 वर्षीय पत्नी राधाबाई घर पर नहीं हैं और मकान का मुख्य दरवाजा खुला है। काफी तलाश के बावजूद दोनों का पता नहीं चला। इस पर एमपीआर नंबर 39/2026 दर्ज कर तलाश शुरू की गई।

14 अगस्त को लहरीलाल के मकान से दुर्गंध आने पर पुलिस ने तलाशी ली। घर के अंदर बिस्तरों के नीचे रखे बड़े लोहे के संदूक में दोनों के शव प्लास्टिक की थैलियों में पैक मिले। शवों को कार्टन टेप से पैक कर छिपाया गया था। मौके पर एफएसएल यूनिट उदयपुर, एमओबी टीम, डॉग स्क्वॉड और चल मोबाइल अनुसंधान इकाई को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए।

एसपी दुहन ने गुरुवार को मीडिया को बताया कि मुख्य आरोपित कुशल पालीवाल को महंगी जीवनशैली और खर्चीले शौक थे। उस पर कर्ज भी बढ़ता जा रहा था। उसे जानकारी थी कि लहरीलाल के पास काफी पैसा है और वे लोगों को उधार भी देते हैं। बुजुर्ग दंपती के घर में अकेले रहने की जानकारी होने से उसने करीब डेढ़ साल पहले लूट की योजना बनानी शुरू कर दी थी।

कुछ माह पूर्व कुशल अपने साथी चन्दन यादव के साथ पुनावली आया और रैकी की। बाद में विकास खरवड़ और दिलीप चौधरी को भी योजना में शामिल किया गया। 9 अगस्त को चारों गुजरात नंबर की ग्रैंड विटारा कार से पुनावली पहुंचे और रैकी की। 10 अगस्त को कुशल और चन्दन दंपती के घर पहुंचे। पड़ोसी होने के कारण राधाबाई ने उन्हें घर में प्रवेश दिया और खाना भी खिलाया। मौका नहीं मिलने पर कुशल घर से हथौड़ी ले गया।

11 अगस्त को भी आरोपियों ने वारदात की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद किशन पालीवाल और जीवन पालीवाल की मदद से रात में घर में प्रवेश की योजना बनाई गई। दोनों ने जन्मपत्री दिखाने के बहाने राधाबाई से दरवाजा खुलवाया। इसी दौरान कुशल घर के बाथरूम में छिप गया। बाद में किशन और जीवन के बाहर निकलने के बाद कुशल ने अपने साथियों चन्दन, विकास और दिलीप को अंदर बुला लिया।

रात में लहरीलाल के सो जाने के बाद कुशल ने हथौड़े से उनके सिर पर कई वार कर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपियों ने खून के निशान साफ किए और शव को प्लास्टिक में पैक कर दिया। सुबह राधाबाई के उठने पर चन्दन ने उनका मुंह दबाया और कुशल ने गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद दोनों शवों को लोहे के संदूक में बिस्तरों के नीचे छिपा दिया गया।

आरोपी मृतकों के जेवर, नकदी और मोबाइल फोन साथ ले गए। पुलिस को गुमराह करने के लिए मोबाइल फोन हाईवे के रास्ते में दूसरी जगह ले जाकर चालू कर फेंक दिए। आरोपियों ने मृतकों की चप्पलें भी गायब कर दीं, ताकि उनके कहीं चले जाने का भ्रम पैदा हो।

पुलिस ने मामले में छह आरोपितों में से पांच कुशल उर्फ खुशी पालीवाल पुत्र मांगीलाल, उम्र 26 वर्ष, निवासी पुनावली, हाल निवासी सूरत (गुजरात); चन्दन यादव पुत्र प्रवीण यादव, उम्र 27 वर्ष, निवासी केउटा, दलसिंहसराय, समस्तीपुर (बिहार), हाल निवासी सूरत; दिलीप चौधरी पुत्र कनिकराम चौधरी, उम्र 30 वर्ष, निवासी अम्बिका नगर, सूरत; किशन पालीवाल पुत्र देवीलाल, उम्र 21 वर्ष, निवासी पुनावली; तथा जीवन पालीवाल पुत्र भेरूलाल, उम्र 21 वर्ष, निवासी पुनावली को गिरफ्तार किया है। विकास खरवड़ की गिरफ्तारी अभी शेष है। पुलिस गिरफ्तार आरोपितों से वारदात में लूटी गई नकदी, जेवरात एवं अन्य सामान के संबंध में पूछताछ कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता