किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट में दो और गिरफ्तार, ऑपरेशन टीम में निभाते थे अहम भूमिका
कानपुर, 23 मई (हि.स.)। कानपुर पुलिस ने चर्चित किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट मामले में शनिवार को दो और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। दोनों शातिर अवैध किडनी ट्रांसप्लांट कराने वाले गिरोह के सक्रिय सदस्य थे और ऑपरेशन के दौरान मेडिकल टीम का हिस्सा बनकर काम करते थे। पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में बहराइच निवासी सैफुद्दीन और कानपुर के चकेरी निवासी अखिलेश तिवारी के रूप में से एक और शामिल हैं। सैफुद्दीन ओटी टेक्नीशियन है और उसने लखनऊ से प्रशिक्षण लिया था। वहीं, अखिलेश तिवारी ने जीएनएम कोर्स किया है और ट्रांसप्लांट के दौरान डॉक्टरों को असिस्ट करता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपित किडनी को सुरक्षित रखने और ट्रांसप्लांट प्रक्रिया को पूरा कराने में अहम भूमिका निभाते थे।
पूछताछ में दोनों ने छह से अधिक अवैध किडनी ट्रांसप्लांट में शामिल होने की बात कबूली है। इनमें दो ट्रांसप्लांट अहूजा हॉस्पिटल में हुए, जबकि बाकी शहर के अलग-अलग नर्सिंग होम में कराए गए। Aaropito ने बताया कि प्रत्येक ट्रांसप्लांट के बदले उन्हें 50 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक मिलते थे। इसके अलावा किडनी डोनर या मरीज उपलब्ध कराने पर अलग से कमीशन भी दिया जाता था।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सैफुद्दीन ने बताया कि उसकी मुलाकात रैकेट के मास्टरमाइंड रोहित से फेसबुक के जरिए हुई थी। इसके बाद वर्ष 2018 में वह इस गिरोह से जुड़ गया। जांच में अब तक सैकड़ों अवैध किडनी ट्रांसप्लांट की आशंका जताई जा रही है।
डीसीपी ने बताया कि इस मामले में पहले ही 11 आरोपितों को जेल भेजा जा चुका है। दो और गिरफ्तारी के बाद अब कुल आरोपितों की संख्या 13 हो गई है। पुलिस को पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में कौन-कौन अस्पताल और लोग जुड़े थे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

