एसआई भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में दो और अभ्यर्थी गिरफ्तार
जयपुर, 22 सितंबर (हि.स.)। उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने दो और अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर परीक्षा से पहले पेपर लीक गिरोह से सॉल्वड पेपर प्राप्त कर परीक्षा पास करने का आरोप है। एसओजी में दर्ज एफआईआर के तहत की गई कार्रवाई में गिरफ्तार नरेंद्र प्रताप सिंह और अनिल विश्नोई को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसओजी विशाल बंसल के अनुसार दोनों ने पेपर लीक गिरोह के सदस्यों को लाखों रुपए देकर परीक्षा से पहले लीक सॉल्वड पेपर पढ़ा था।
एसओजी के अनुसार नरेंद्र प्रताप सिंह (28) निवासी डूंगरीकलां, थाना रेनवाल, जयपुर ग्रामीण ने अपने ही गांव के पेपर लीक सरगना विनोद कुमार जाट उर्फ विनोद रेवाड़ से 7 लाख रुपए में सौदा किया था। परीक्षा से पहले हैंडलर के माध्यम से लीक सॉल्वड पेपर पढ़ने के बाद उसने परीक्षा दी।
नरेंद्र ने सामान्य हिंदी में 200 में से 149.09 और सामान्य ज्ञान में 200 में से 124.71 अंक हासिल कर लिखित परीक्षा पास की, लेकिन अंतिम मेरिट में स्थान नहीं बनने के कारण उसका चयन नहीं हो सका। एसओजी के अनुसार पेपर लीक सरगना विनोद रेवाड़ को 28 अगस्त 2025 को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आरोप-पत्र पेश किया जा चुका है। वहीं दूसरा आरोपी अनिल विश्नोई (25) निवासी धर्मपुरी की ढाणी, भगतासनी, थाना लूनी, जोधपुर कमिश्नरेट है। एसओजी के अनुसार अनिल ने अपने भाई तेजाराम विश्नोई और पेपर लीक गिरोह के सदस्य शैतानाराम विश्नोई, तत्कालीन कांस्टेबल यातायात शाखा जोधपुर, के जरिए 20 लाख रुपए में सौदा किया था।
शैतानाराम और गणपतलाल विश्नोई के माध्यम से उसे पेपर लीक सरगना भूपेंद्र सारण के हैंडलर से परीक्षा से पहले सॉल्वड पेपर मिला था। अनिल ने सामान्य हिंदी में 154.69 और सामान्य ज्ञान में 157.38 अंक हासिल कर लिखित परीक्षा पास की, लेकिन शारीरिक दक्षता परीक्षा में असफल रहने के कारण चयनित नहीं हो सका।
एसओजी के अनुसार भूपेंद्र सारण को 16 मार्च 2024 और शैतानाराम विश्नोई को 22 अगस्त 2024 को गिरफ्तार कर आरोप-पत्र पेश किया जा चुका है। वहीं तेजाराम और गणपतलाल विश्नोई अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

