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दो सगे भाई चरस तस्कर गिरफ्तार, नेपाल से लाते थे माल

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दो सगे भाई चरस तस्कर गिरफ्तार, नेपाल से लाते थे माल


कानपुर, 17 जून (हि.स.)। नेपाल से चरस लाकर शहर और आसपास के इलाकों में सप्लाई करने वाले एक तस्करी नेटवर्क का खुलासा करते हुए बर्रा पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने बुधवार को दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 8.458 किलोग्राम चरस बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1.35 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है।

पुलिस उपायुक्त दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने प्रिया नर्सिंग होम अंडरपास के पास घेराबंदी की। इस दौरान रावतपुर क्षेत्र के मसवानपुर निवासी रमजान अहमद और उसके भाई एजाज अहमद को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान उनके पास मौजूद बैग और कपड़ों में छिपाकर रखी गई बड़ी मात्रा में चरस बरामद हुई।

पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे नेपाल सीमा से मादक पदार्थ लाकर कानपुर समेत आसपास के जिलों में उसकी आपूर्ति करते थे। उनके अनुसार चरस की खेप बलरामपुर जनपद के बढ़नी बॉर्डर से भारत लाई जाती थी और फिर स्थानीय नेटवर्क के जरिए ग्राहकों तक पहुंचाई जाती थी।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों भाइयों की भूमिका केवल खेप लाने और पहुंचाने तक सीमित थी। प्रत्येक चक्कर के बदले उन्हें पांच हजार रुपये मेहनताना मिलता था। आरोपियों ने बताया कि वे लगभग हर सप्ताह नेपाल जाकर माल लेकर आते थे और तय स्थानों पर उसकी डिलीवरी कर देते थे।

डीसीपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान गिरोह से जुड़े कुछ अन्य लोगों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पुलिस अब इस नेटवर्क के मुख्य संचालकों और सप्लाई चेन में शामिल अन्य तस्करों की तलाश कर रही है। जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश किए जाने की उम्मीद है।

गौरतलब है कि पिछले छह महीनों में नेपाल कनेक्शन से जुड़ी चरस तस्करी का यह दूसरा बड़ा मामला सामने आया है। इससे पहले दिसंबर 2025 में पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई में एक तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 13.2 किलोग्राम चरस बरामद की थी। उस मामले में भी नेपाल और बिहार से जुड़े तस्करी नेटवर्क के संकेत मिले थे।

लगातार बड़ी बरामदगियों के बावजूद पुलिस अब तक इस अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के सरगनाओं तक पूरी तरह नहीं पहुंच सकी है। ऐसे में मौजूदा गिरफ्तारी को जांच की दिशा में अहम सफलता माना जा रहा है। पुलिस बरामद मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क के बाकी सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप