home page

कोडीन फास्फेट युक्त कफ सिरप की तस्करी करने वाले दो गिरफ्तार, 7.25 लाख रुपये कीमत की सामग्री बरामद

 | 
कोडीन फास्फेट युक्त कफ सिरप की तस्करी करने वाले दो गिरफ्तार, 7.25 लाख रुपये कीमत की सामग्री बरामद


नोएडा, 14 जून (हि.स.)। थाना सेक्टर-20 पुलिस और यातायात पुलिस ने नशीली दवाओं की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को फिल्म सिटी के पास से रविवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 7.25 लाख रुपये की 3,600 शीशी अवैध कफ सिरप बरामद किया। यह खेप एक फॉर्च्यूनर कार में भरकर नोएडा लाई जा रही थी। पुलिस का दावा है कि बरामद कफ सिरप का इस्तेमाल नशे के रूप में किया जाता है। इस मामले में गिरोह के तीन अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

सहायक पुलिस आयुक्त प्रवीण सिंह ने बताया कि सेक्टर-20 थाना पुलिस और यातायात पुलिस नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान फिल्म सिटी से रजनीगंधा चौक की ओर जाने वाले मार्ग पर एक्सप्रेसवे से उतरने वाले लूप के पास एक संदिग्ध फॉर्च्यूनर कार को रोककर जांच की गई। तलाशी लेने पर कार में रखे 15 बोरों से भारी मात्रा में अवैध कफ सिरप बरामद हुआ है। एसीपी ने बताया कि बरामद कफ सिरप ओनेरेक्स 100 एमएल ब्रांड का है। कुल 3,600 शीशियों की बरामदगी हुई। जांच में सामने आया कि सिरप की प्रत्येक पांच मिलीलीटर मात्रा में 10 मिलीग्राम कोडीन फॉस्फेट है। कोडीन युक्त दवाओं का निर्धारित चिकित्सकीय उपयोग होता है, लेकिन इनका अधिक मात्रा में सेवन करने पर नशे जैसा प्रभाव उत्पन्न होता है। इसी वजह से ऐसी दवाओं की अवैध तस्करी कर उन्हें नशे के रूप में बेचने का कारोबार तेजी से फैल रहा है।

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पीयूष वर्मा और कपिल विश्वकर्मा के रूप में हुई। पीयूष वर्मा मूलरूप से मध्य प्रदेश के रीवा जिले का रहने वाला है। वहीं, कपिल विश्वकर्मा रीवा जिले के चौराहटा थाना क्षेत्र के ग्राम एवं पोस्ट तमरा वासी का निवासी है। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि दोनों आरोपित नशीले कफ सिरप की खेप को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का काम करते थे। पुलिस को शक है कि इसके पीछे अंतरराज्यीय नेटवर्क सक्रिय है, जो युवाओं तक नशे की सामग्री पहुंचाने में लगा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुट गई है।

उन्होंने बताया कि जांच में तीन अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। इनमें विष्णु कुशवाहा, शानू सिंह और हीरा लाल शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक विष्णु कुशवाहा और शानू सिंह मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं, जबकि हीरा लाल को इस खेप का विक्रेता बताया जा रहा है। तीनों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। बरामद माल की अनुमानित कीमत करीब सात लाख 25 हजार रुपये आंकी गई है। एसीपी ने बताया कि इस मामले में सेक्टर-20 थाने में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि नशीले पदार्थों और प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। गिरोह से जुड़े अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क के बारे में और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि कोडीन फॉस्फेट युक्त कफ सिरप का इस्तेमाल चिकित्सकीय सलाह पर खांसी के उपचार में किया जाता है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा लेने पर सुस्ती, चक्कर और नशे जैसा अहसास होता है। इसी कारण इसका दुरुपयोग बढ़ रहा है और अवैध बाजार में इसकी मांग बनी रहती है। पुलिस ऐसे मामलों पर विशेष निगरानी रख रही है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी