राजगढ़ः हत्या के मामले में दो आरोपितों को उम्रकैद
राजगढ़, 28 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश ने मंगलवार को करीब ढाई साल पुराने चर्चित देवचंद हत्याकांड में अहम फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
न्यायालय ने दोषी शिवसिंह तंवर और बनेसिंह को हत्या एवं साक्ष्य छिपाने के अपराध में दोषी ठहराते हुए चार-चार हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया। प्रकरण में शासन की ओर से उप संचालक अभियोजन आलोक श्रीवास्तव ने पैरवी की।
जानकारी के अनुसार घटना 14 दिसंबर 2023 की रात थाना कालीपीठ क्षेत्र की है। मृतक देवचंद रात करीब नौ बजे घर से शिवसिंह की दुकान की ओर जाने की बात कहकर निकला था। देर रात तक घर नहीं लौटने पर उसकी मां गीताबाई, बहन और बहनोई उसकी तलाश करते हुए दुकान पर पहुंचे। वहां देवचंद की मोटरसाइकिल खड़ी मिली। इसी दौरान आरोपित बनेसिंह वहां से भाग गया, जबकि शिवसिंह दुकान का शटर बंद कर रहा था। परिजनों के पूछने पर शिवसिंह ने बताया कि देवचंद दुकान के अंदर सो रहा है। शटर खोलने पर देवचंद गंभीर हालत में खून से लथपथ पड़ा मिला। उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अगले दिन ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने रात में शिवसिंह और बनेसिंह को देवचंद के साथ मारपीट करते देखा था। पुलिस जांच में दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने पत्थर से हमला कर हत्या करना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त पत्थर और खून लगे कपड़े भी बरामद किए गए।
विवेचना पूरी होने के बाद चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने 15 गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य पेश किए। साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपितों को भारतीय न्याय संहिता के समकक्ष तत्कालीन भारतीय दंड संहिता की धाराओं 302, 201 और 34 के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

