रायपुर : फर्जी जमानतदार बनकर आरोपितों की जमानत कराने वाली तीन महिलाएं गिरफ्तार
रायपुर, 28 जुलाई (हि.स.)। न्यायालय में फर्जी ऋण पुस्तिका और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर आरोपितों की जमानत कराने के मामले में रायपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मंगलवार को तीन महिला आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के खिलाफ थाना सिविल लाइन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, न्यायालय परिसर रायपुर में फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर आरोपितों की जमानत कराए जाने की शिकायत मिलने पर पुलिस उपायुक्त (मध्य) कमिश्नरेट रायपुर तारकेश्वर पटेल ने थाना सिविल लाइन पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस टीम लगातार सूचना एकत्र कर संदिग्धों पर नजर रख रही थी।
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि, कुछ महिलाएं फर्जी ऋण पुस्तिका के माध्यम से न्यायालय में आरोपितों की जमानत ले रही हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने न्यायालय परिसर पहुंचकर जांच की, जहां तीन महिलाओं को ऋण पुस्तिका में काट-छांट कर उसे जमानत के लिए उपयोग करते हुए पाया गया।
पूछताछ में तीनों महिलाओं ने फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर विभिन्न न्यायालयों में आरोपितों की जमानत कराने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी।
गिरफ्तार आरोपितों में सुनीता देवी राजपूत (70 वर्ष), निवासी ग्राम टेका हल्दी, थाना तिल्दा, सरस्वती बाई सोनी (72 वर्ष), निवासी उरला जिला दुर्ग, मीना बाई कोरम (52 वर्ष), निवासी ग्राम भेजराटोला, राजनांदगांव है।
रायपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि, न्यायालय अथवा किसी भी शासकीय कार्यालय में फर्जी या कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर

