डिजिटल अरेस्ट कर 48 लाख की ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार
कानपुर, 30 सितंबर (हि.स.)। साइबर थाना पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट कर देशभर में साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए एक महिला समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरोह फर्जी फर्म और बैंक खातों का इस्तेमाल कर लोगों को ईडी और सीबीआई का अधिकारी बनकर डराता था। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मुकुल चौबे नाम का आरोपित वांछित है।
एडीसीपी अरीबा नोमान ने बुधवार को बताया कि गिरोह के सदस्य पहले फोन कर खुद को ईडी का वरिष्ठ अधिकारी बताते थे। बातचीत के दौरान कॉल अपने साथी को ट्रांसफर कर देते थे। दूसरा सदस्य खुद को सीबीआई का अधिकारी बताकर पीड़ित को डराता-धमकाता था। डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर पीड़ित और उसके परिवार को कानूनी कार्रवाई की धमकी दी जाती थी। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करा ली जाती थी।
पुलिस ने नवाबगंज निवासी वासु, रायबरेली निवासी आतिश कुमार और कैंट निवासी महिला कंचन प्रजापति को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह ने स्वरूपनगर निवासी योगेश चंद्र मिश्रा को भी इसी तरह फोन किया था। खुद को सीबीआई का वरिष्ठ अधिकारी बताकर उनसे करीब 48 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए गए। इसके बाद ठगी की रकम दूसरे खातों में भेज दी गई।
जांच में पता चला कि आरोपितों ने अपने आधार और पैन कार्ड में कूटरचना कर खुद को प्रतापगढ़ का निवासी दर्शाया था। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बाउकोयो कॉन्ट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम से फर्जी फर्म पंजीकृत कराई गई। फर्म के नाम से बैंक खाता खोलकर उसमें 15 लेनदेन के जरिए कुल 25 लाख 98 हजार 200 रुपये जमा कराए गए। इसके बाद यह रकम उसी दिन देश के अलग-अलग राज्यों के 611 बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी गई।
गिरफ्तार आरोपितों के कब्जे से मिले तीन मोबाइल फोन की जांच में पुलिस को ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों और फर्जी फर्म से संबंधित जानकारी मिली। मोबाइल से आपराधिक कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सऐप चैट और साइबर अपराध से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल सामग्री भी बरामद हुई है।
पुलिस ने खातों की राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर जांच की तो देश के अलग-अलग राज्यों से इन खातों के माध्यम से संबंधित चार साइबर अपराध शिकायतें दर्ज मिलीं। पुलिस के अनुसार, इन शिकायतों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अब तक करीब एक करोड़ 42 लाख 68 हजार रुपये की साइबर ठगी का अनुमान है।
पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में भेजने वाले नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। वांछित मुकुल चौबे की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

