केमिकल सप्लाई के नाम पर 18.31 लाख की धोखाधड़ी, इंदौर से तीन गिरफ्तार
कानपुर, 11 अक्टूबर (हि.स.)। केमिकल की आपूर्ति के नाम पर फर्जी फर्म बनाकर व्यापारियों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के तीन अपराधियाें को साइबर अपराध पुलिस ने मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने एनएस केमिकल्स नाम की फर्म के जरिए 11 हजार किलोग्राम एसिड स्लरी की आपूर्ति का सौदा किया था। फर्जी बिल भेजकर 18.31 लाख रुपये लेने के बाद भी माल की आपूर्ति नहीं की गई।
अपर पुलिस उपायुक्त साइबर अपराध एवं दक्षिण अरीबा नोमान ने रविवार को बताया कि आरोपित इंडिया मार्ट समेत ऑनलाइन व्यापारिक मंचों से वास्तविक फर्मों की जानकारी जुटाते थे। इसके बाद उन्हीं के नाम और विवरण का इस्तेमाल कर फर्जी मोबाइल नंबर और ई-मेल के जरिए व्यापारियों से संपर्क करते थे। सौदा तय होने पर मोबाइल ऐप से कूटरचित बिल तैयार कर भेजे जाते थे। भुगतान मिलने के बाद तय केमिकल की जगह सस्ता माल भेजने की कोशिश की जाती थी या आपूर्ति के नाम पर टालमटोल की जाती थी। शुरुआती जांच में करीब डेढ़ साल से इस तरह की धोखाधड़ी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
नियति एंटरप्राइजेज के संचालक विनीत कुमार माहेश्वरी ने 31 मार्च को हरियाणा की एनएस केमिकल्स फर्म के प्रतिनिधि हिमांशु बंसल से एसिड स्लरी खरीदने का सौदा किया था। इसके लिए पांच हजार और छह हजार किलोग्राम माल के दो बिल भेजे गए। इनके आधार पर अलग-अलग तारीखों में कुल 18.31 लाख रुपये बैंक खाते में जमा कराए गए। भुगतान के बाद भी माल नहीं पहुंचा। बाद में इंदौर की ग्लोबेक्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से करीब 10,710 किलोग्राम हाइड्रोक्लोरिक एसिड भेजने का प्रयास किया गया, जबकि इसकी मांग नहीं की गई थी। फर्म संचालक ने माल लेने से इनकार कर दिया।
शिकायत मिलने के बाद साइबर अपराध पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान राहुल सूर्यवंशी, वीरेंद्र फूलपगारे और सुनील मोहे के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम वीरेंद्र से जुड़े बैंक खाते में पहुंची थी। वहां से नौ लाख 40 हजार रुपये सुनील के खाते में भेजे गए, जबकि छह लाख रुपये नकद निकाले जाने की जानकारी मिली है। बाकी रकम के लेन-देन और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

