फर्जी कंपनियां खोलकर साइबर ठगी करने वाले तीन गिरफ्तार
नोएडा, 22 मई (हि.स.)। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने फर्जी कंपनियां बनाकर साइबर ठगी की रकम इधर-उधर करने वाले गिरोह के तीन ठगों को सेक्टर-44 के पास से शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल किए गए पांच मोबाइल फोन, 2800 रुपये नकद, एक मुहर और कई जरूरी दस्तावेज बरामद हुए।
एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान अविनाश झा, हिमांशु कुमार और जितेंद्र दहिया उर्फ आशू के रूप में हुई। तीनों दिल्ली के रहने वाले हैं। आरोपित फर्जी कंपनियां बनाते और उन्हीं के नाम पर अलग-अलग बैंकों में करंट अकाउंट खुलवाते। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से आए रुपये को जमा करने और फिर दूसरी जगह ट्रांसफर करने में किया जाता, ताकि रकम वैध दिखाई दे सके। जांच में इन खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन सामने आया है।
उन्होंने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने माना कि वे लंबे समय से इस काम में शामिल थे और साइबर ठगी की रकम को अलग-अलग खातों के जरिए घुमाते थे। उनका यह भी कहना है कि आरोपियों के खिलाफ कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, पंजाब समेत कई राज्यों में साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपियों के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है और बैंक खातों की भी जांच कर रही है। टीम यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस गैंग ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। अविनाश गिरोह का सबसे उम्रदराज सदस्य है, उसकी उम्र 29 साल है। हिमांशु कुमार 26 और जितेंद्र 27 साल का है। तीनों आरोपित 12वीं तक पढ़े हैं और बीते काफी समय से इस प्रकार के फर्जीवाड़े में शामिल हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने नाम से बैंक खाता या कंपनी रजिस्टर न कराएं। अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान ऐप डाउनलोड करने से बचें। अगर बैंक खाते में कोई संदिग्ध लेनदेन दिखे या साइबर ठगी का शक हो तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर जानकारी दें। थोड़ी सी सावधानी से साइबर ठगी से बचा जा सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी

