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किशोरी से गैंगरेप और 40 हजार रुपये में सौदेबाजी के तीन दोषियों को 20-20 साल की कैद

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किशोरी से गैंगरेप और 40 हजार रुपये में सौदेबाजी के तीन दोषियों को 20-20 साल की कैद


बांदा, 20 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से मानवता को शर्मसार करने वाले एक मामले में न्याय की जीत हुई है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) प्रदीप मिश्रा की अदालत ने शुक्रवार को एक 16 वर्षीय किशोरी के अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और उसे बेचने के मामले में तीन दोषियों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, तीनों पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

घटना की शुरुआत तब हुई जब कालिंजर कस्बा निवासी पीड़िता साइकिल से ईंट पाथने के लिए 16 मई 2017 को अरजरियन पुरवा जा रही थी। रास्ते में घात लगाए बैठे आरोपियों ने उसका अपहरण कर लिया। जब किशोरी घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और 'यूपी-100' के माध्यम से पुलिस को सूचित किया। परिजनों ने स्थानीय युवक संतू पर शक जाहिर किया था, जो लंबे समय से किशोरी को परेशान कर रहा था।

पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। अपहरण के बाद किशोरी को पड़ोसी जिले हमीरपुर ले जाया गया, जहाँ उसे बंधक बनाकर रखा गया। पीड़िता के बयानों के अनुसार संतू, ठाकुरदास और रामस्वरूप ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। बाद में किशोरी को अगवा करने में शामिल रही महिला विमला ने एक आरोपी के हाथ किशोरी को 40,000 रुपये में बेच दिया।

सघन तलाश के बाद पुलिस ने किशोरी को महिला, विमला, के घर से बरामद किया। सरकारी अभियोजक कमल सिंह गौतम ने बताया कि विमला ने ही किशोरी का सौदा ठाकुरदास के साथ 40 हजार रुपये में किया था।अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में छह गवाह और पुख्ता सबूत पेश किए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद संतू, ठाकुरदास और रामस्वरूप को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया।

मामले की मुख्य आरोपी महिला विमला अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। अदालत ने उसकी पत्रावली को अलग कर दिया है; उसकी गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह