जसवंत के हत्यारोपित तीन गिरफ्तार
सुलतानपुर, 30 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जिला सुलतानपुर में जसवंत के तीन हत्यारोपिताें को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। युवक की हत्त्या मंगलवार को हुई थी। परिजन हत्यारोपिताें की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।
पुलिस प्रवक्ता ने गुरुवार को बताया कि हत्यारोपित सुरेश सिंह पुत्र विजय बहादुर सिंह, रामजश पुत्र विजय बहादुर एवं नीरज सिंह पुत्र रामशरन सिंह निवासीगण भिटौरा थाना शिवगढ जनपद सुलतानपुर को गिरफ्तार किया गया है।
ज्ञातव्य हो कि जिला सुलतानपुर के भेटौरा गांव में मंगलवार की रात लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से हमला कर एक युवक की हत्या कर दी गई। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा, लेकिन दूसरे दिन भी अंतिम संस्कार नहीं हो सका। परिजन आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।
इस घटना के बाद मृतक की पत्नी और बहन बेहोश हो गईं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर एसडीएम लंभुआ प्रीति जैन, सीओ लंभुआ ऋतिक कपूर, सीओ सिटी सौरभ सावंत और तहसीलदार प्रांजल त्रिपाठी समेत भारी पुलिस बल तैनात है। अधिकारी लगातार परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे थे ।
मृतक के भाई ने ग्राम प्रधान पति मान सिंह और उनके साथियों पर हत्या का सीधा आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि ग्राम प्रधान के खिलाफ चल रही भ्रष्टाचार की जांच को लेकर पुरानी रंजिश थी। हमलावरों में प्रधान पति के साथ रामशरण, रामजस, रामसुरेश, नीरज, सूरज और धनंजय के नाम शामिल हैं। परिजनों ने मांग की है कि जब तक सभी आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होती और पीड़ित परिवार को मुआवजा नहीं मिलता, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस की दो टीमें आरोपितों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं।
मृतक की पत्नी के भाई विवेक का आरोप है कि गांव के कुछ दबंग व्यक्ति उन्हें और उनके परिवार को लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। उसने बताया कि दबंगों द्वारा परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित का दावा है कि उन्होंने स्थानीय पुलिस और उच्चाधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। न्याय न मिलने और सुरक्षा के अभाव में परिवार अब अपना घर छोड़कर कहीं और जाने को मजबूर है। पीड़ित ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि उन्हें सुरक्षा नहीं मिली, तो वे पलायन के लिए विवश होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / दयाशंकर गुप्त

