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राजस्थान विधानसभा को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी

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राजस्थान विधानसभा को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी


जयपुर, 27 अप्रैल (हि.स.)। राजस्थान विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को एक बार फिर विधानसभा की आधिकारिक ईमेल आईडी पर धमकी भरा मेल मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही ज्योति नगर थाना पुलिस सहित सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और पूरे परिसर को खाली कराकर सर्च अभियान शुरू किया गया। वहीं घटना ऐसे दिन सामने आई है जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का जयपुर दौरा रहा । उनके दौरे के बीच मिली इस धमकी के बाद पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए सर्च अभियान तेज किया।

विधानसभा के उपनिदेशक (जनसंपर्क) डॉ. लोकेश शर्मा ने बताया कि सोमवार सुबह ईमेल प्राप्त हुआ। जिसमें दोपहर 12 बजे विधानसभा में “5 सिलिकॉन 100 बेस आरडीएक्स बम” फटने की धमकी दी गई थी। मेल में इसे मजाक नहीं बताते हुए सभी वीआईपी को तुरंत बाहर निकालने की चेतावनी दी गई थी। कार्यालय खुलने के बाद जैसे ही ईमेल की जानकारी सामने आई। तुरंत पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया।

पुलिस उपायुक्त जयपुर दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि विधानसभा में बम की सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता (बीडीएस), एटीएस (एटीएस), डॉग स्क्वॉड, दमकल विभाग और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे विधानसभा परिसर को खाली करवाया गया और कर्मचारियों को बाहर निकाला गया। इसके बाद चप्पे-चप्पे की गहन तलाशी ली गई। हालांकि, जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

इधर इस घटनाक्रम पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने तंज कसते हुए कहा कि अभी तक धमकी देने वाले को ट्रेस तक नहीं किया गया है, पकड़ना तो दूर की बात है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आए दिन ऐसी धमकियां मिल रही हैं, जिससे कामकाज बाधित हो रहा है। उन्होंने बताया कि कमेटी की बैठक चल रही थी और विधायकों को विधानसभा में प्रवेश तक नहीं करने दिया गया। स्टाफ को भी बाहर निकाल दिया गया।

जूली ने कहा कि यह रोज का काम हो गया है। दो सप्ताह में यह तीसरी धमकी है। अब लोग कहने लगे हैं कि ऐसा माहौल बन गया है। पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था चौपट है। वहीं राजस्थान विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले भी हाई कोर्ट,एसएमएस स्टेडियम सहित कई महत्वपूर्ण स्थलों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में मुख्यमंत्री को भी जान से मारने की धमकी दी गई थी। गहलोत ने आरोप लगाया कि तकनीकी प्रगति के बावजूद पुलिस अब तक यह पता लगाने में सफल नहीं हो पाई है कि ऐसी धमकियां कौन दे रहा है, जो कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

गौरतलब है कि अप्रैल महीने में यह तीसरी बार है जब विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इससे पहले भी दो बार इसी तरह के ईमेल भेजे जा चुके हैं। लेकिन हर बार जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। लगातार मिल रही धमकियों के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पुलिस और साइबर टीमें हर एंगल से मामले की जांच में जुटी हैं,लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश