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फिर चोरों के निशाने पर आया दुर्ग स्थित मल्लिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, पांच ताले तोड़ दिया वारदात को अंजाम

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फिर चोरों के निशाने पर आया दुर्ग स्थित मल्लिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, पांच ताले तोड़ दिया वारदात को अंजाम


चित्तौड़गढ़, 17 अप्रैल (हि.स.)। दुर्ग स्थित मल्लिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में गुरुवार रात को बड़ी चोरी की वारदात हुई है। मंदिर के मुख्य गेट के ताले तोड़ कर चोर घुसे तथा भगवान महावीर स्वामी एवं शांतिनाथ भगवान की 9 इंच बड़ी अष्टधातु की प्रतिमाएं चुरा कर ले गए। इसके अलावा छत्र सहित अन्य चांदी की पूजा सामग्री भी चोरी हुई है। शुक्रवार सुबह समाज के लोग पूजा के लिए पहुंचे तो चोरी की जानकारी मिली। बाद में पुलिस को सूचित किया गया। सूचना के बाद पुलिस ने मौका देखा तथा अज्ञात बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। बड़ी बात यह की पास में ही पुरातत्व विभाग की ओर से चौकीदार भी तैनात रहते हैं लेकिन उन्हें इस चोरी की भनक तक नहीं लग पाई तथा वह सुबह सोते हुए मिले।

चित्तौड़गढ़ पुलिस उप अधीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि शुक्रवार सुबह दुर्ग स्थित जैन मंदिर में चोरी की सूचना मिली थी। इस सूचना के बाद पहले कोतवाली थाने का जाब्ता मौके पर पहुंचा। बाद में स्वयं ने भी दुर्ग पर पहुंच कर वारदात की जानकारी ली है। चोर मुख्य गेट का ताला तोड़ कर ही अंदर घुसे थे। यहां से प्रतिमाएं चोरी कर के ले जाने की जानकारी मिली है। साथ ही चांदी के पूजा की सामग्री भी चोरी हुई है। यहां का गल्ला भी चोरों ने तोड़ा और उसमें से भी नगदी चुरा कर ले गए। फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया कि इसमें कितनी नकदी थी। पुलिस उप अधीक्षक ने बताया कि समाज के लोगों ने रिपोर्ट दी है, जिस पर कार्रवाई शुरू कर दी है। एमओबी की टीम को मौके पर बुला कर साक्ष्य जुटाए है। पुलिस वारदात की जांच कर रही है।

अष्टधातु से निर्मित भगवान की दो प्रतिमाएं चोरी

दिगंबर जैन समाज के महेंद्र टोंग्या ने बताया कि इस चोरी की जानकारी शुक्रवार सुबह करीब 5.15 बजे मिली, जब समाज के संजय जैन पूजा करने के लिए मंदिर पहुंचे तो ताले टूटे हुए थे। अंदर जाकर देखा तो प्रतिमाएं एवं पूजन सामग्री गायब थी। इस पर उन्होंने समाज के प्रतिनिधियों को सूचना दी। यहां मंदिर से अज्ञात चोर भगवान महावीर स्वामी एवं शांतिनाथ भगवान की 9 इंच की अष्टधातु से निर्मित दो प्रतिमाएं चुरा कर ले गए। इसके अलावा 4 किलो चांदी से निर्मित नो छत्र, चांदी के दो सिंहासन व दो प्लेट, चांदी के दो चंवर चोरी हुए हैं। वहीं बेदी से पांच पंचमेरू भी चोरी कर ले गए। चोरों ने मंदिर में लगे गल्ले को भी तोड़ा और उसमें से भी नगदी ले गए। जैन समाज के महेंद्र टोंग्या ने बताया कि सुबह से शाम तक सेवक उदयलाल की मंदिर पर मौजूदगी रहती है। शाम को वह ताले लगा कर जाता है। अज्ञात चोरों ने मुख्य गेट पर तीन ताले लगे हुए थे जिन्हें तोड़ा। इसके अलावा दो ताले अंदर भी थे, जिन्हें भी तोड़ कर चोर अंदर घुसे। सभी ताले एवं भंडार तोड़ने में चोरों को 3 से 4 घंटे का समय लगा होगा लेकिन चौकीदार को भनक तक नहीं लग पाई।

मंदिर के नजदीकी केबिन में सो रहे थे चौकीदार

महेंद्र टोंकिया ने बताया कि पुरातत्व विभाग की ओर से कीर्ति स्तंभ के निकट चौकीदार नियुक्त किए जाते हैं। यहां शिफ्ट में चौकीदार 24 घंटे ड्यूटी करते हैं। सुबह समाज के संजय जैन ने ताले टूटे देखे तो चौकीदार के पास गए। मुश्किल से 30-40 कदम की दूरी पर ही केबिन में चौकीदार सोते हुवे मिले तो होते उन्हें जगाया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल