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तीन राज्यों में बैंक ग्राहकों को निशाना बनाने वाला अंतरराज्यीय गिरोह बेनकाब, 26 वारदातें कबूल

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तीन राज्यों में बैंक ग्राहकों को निशाना बनाने वाला अंतरराज्यीय गिरोह बेनकाब, 26 वारदातें कबूल


कटनी, 08 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में बैंक ग्राहकों को निशाना बनाकर लाखों रुपये की चोरी और झपटमारी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का कटनी पुलिस ने बुधवार काे खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के दो प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने पूछताछ में तीन राज्यों के 15 से अधिक जिलों में करीब 26 वारदातों को अंजाम देने और 40 लाख रुपये से अधिक की रकम चोरी करने की बात स्वीकार की है।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अनूपपुर निवासी सुमित सिसोदिया उर्फ बंदर (30) और संजय सिसोदिया (38) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों पेशेवर अपराधी हैं और इनके खिलाफ मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों में 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। संजय सिसोदिया वर्ष 2016 से सतना जिले के एक मामले में फरार चल रहा था तथा उसके विरुद्ध स्थायी वारंट भी लंबित था।

पूरे मामले का खुलासा 19 मई 2026 को थाना उमरियापान क्षेत्र स्थित जिला सहकारी बैंक में हुई चोरी की घटना की जांच के दौरान हुआ। बैंक से 50 हजार रुपये नकद और सरकारी दस्तावेजों से भरा बैग चोरी होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर विशेष जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने बैंक और आसपास लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

पूछताछ में सामने आया कि गिरोह पूरी योजना के साथ बैंक और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाता था। गिरोह का एक सदस्य ग्राहक बनकर बैंक के भीतर मौजूद रहता और बड़ी रकम निकालने वाले लोगों पर नजर रखता था। इसी दौरान उसके साथी बैंक के बाहर मोटरसाइकिल लेकर तैयार रहते थे।

जैसे ही ग्राहक बैंक से बाहर निकलता, गिरोह के सदस्य उसका पीछा शुरू कर देते। मौका मिलते ही वाहन की डिग्गी का लॉक तोड़ना, कार का शीशा फोड़ना या बैग छीनकर कुछ ही सेकंड में फरार हो जाना इनका तयशुदा तरीका था। पुलिस के अनुसार यह गिरोह बेहद पेशेवर तरीके से काम करता था और वारदात के तुरंत बाद क्षेत्र छोड़ देता था।

पूछताछ में आरोपितों ने अपने फरार साथियों पिंटू यादव, पुष्पेंद्र यादव (दोनों निवासी कटिहार, बिहार) तथा मखाड़ उर्फ लखन (अनूपपुर) के साथ मिलकर अनेक वारदातें करने की जानकारी दी है।

आरोपितों ने कटनी जिले के उमरियापान से 50 हजार रुपये, बड़वारा से 2.50 लाख रुपये और स्लीमनाबाद से 80 हजार रुपये चोरी करने की बात स्वीकार की। इसके अलावा सतना से 3 लाख, नरसिंहपुर (गोटेगांव) से 6.45 लाख, डिंडोरी से 1.50 लाख, उमरिया से 1.55 लाख, देवास से 6 लाख तथा शहडोल से 4 लाख रुपये की चोरी करना भी कबूल किया।

इसी प्रकार जबलपुर, पन्ना, खंडवा, होशंगाबाद और इटारसी में भी कई वारदातों को अंजाम देने की जानकारी मिली है। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ से 4.47 लाख रुपये, जशपुर जिले के विभिन्न स्थानों से 3.40 लाख रुपये, कोरबा (कटघोरा) में दो घटनाओं में 4 लाख रुपये तथा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से 20 हजार रुपये चोरी किए गए। ओडिशा के संभलपुर में भी लगातार दो दिनों में 70 हजार और 40 हजार रुपये की चोरी करना आरोपियों ने स्वीकार किया है।

पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से चोरी की शेष नकदी तथा वारदातों में प्रयुक्त काले रंग की यूनिकॉर्न मोटरसाइकिल बरामद की है। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 72 हजार रुपये बताई गई है।

फिलहाल दोनों आरोपितों से पूछताछ जारी है। पुलिस फरार आरोपितों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और अन्य राज्यों की पुलिस से भी समन्वय स्थापित कर गिरोह से जुड़े मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश चतुर्वेदी