मदरिया के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक की पिटाई, छात्रा से दुर्व्यवहार के आरोप से बढ़ा विवाद
दरभंगा,, 14 अक्टूबर (हि.स.)। दरभंगा जिले के तारडीह प्रखंड अंतर्गत बैका पंचायत के मदरिया गांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय एक बार फिर विवाद को लेकर चर्चा में है। गत मंगलवार को विद्यालय परिसर में रामकुमार नामक शिक्षक के साथ करीब दर्जन भर महिलाओं द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। महिलाओं ने शिक्षक पर पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार, छेड़छाड़ और आपत्तिजनक व्यवहार करने का आरोप लगाया है। वहीं, शिक्षक ने इन आरोपों को मनगढ़ंत और झूठा बताया है।
बच्ची की शिकायत के बाद भड़का आक्रोश
ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित छात्रा ने अपनी मां को विद्यालय में शिक्षक द्वारा कथित दुर्व्यवहार किए जाने की बात बताई थी। इसके बाद आक्रोशित महिलाएं विद्यालय पहुंचीं और शिक्षक के साथ मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान झाड़ू-चप्पल के अलावा हाथ, लात और घूंसों से भी उनकी पिटाई की गई। हालांकि, छात्रा के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पूरे मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
शिक्षक ने आरोपों को बताया झूठा
रामकुमार शिक्षक ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। दूसरी ओर, विद्यालय के कुछ शिक्षक उनके समर्थन में खड़े नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों के बीच भी घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए, जबकि कुछ ग्रामीण शिक्षक के साथ मारपीट किए जाने और उसके बाद कानूनी कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, शिकायत नहीं किए जाने मात्र से किसी व्यक्ति के दोषी या निर्दोष होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
पहले भी विवाद के कारण चर्चा में रहा है विद्यालय
स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ महीने पहले इसी विद्यालय के तत्कालीन प्रधानाध्यापक के साथ भी विद्यालय परिसर में मारपीट की घटना हुई थी। आरोप है कि सतन मुखिया नामक व्यक्ति ने किसी मामूली बात को लेकर प्रधानाध्यापक पर हाथ उठाया था। बताया जाता है कि शिक्षक द्वारा कानूनी कार्रवाई की पहल किए जाने के बाद संबंधित व्यक्ति ने अपनी गलती स्वीकार कर ली थी और मामला सुलझ गया था।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने विद्यालय में शिक्षकों की सुरक्षा और बच्चों को पढ़ाई के लिए सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
बासुकीनाथ झा ने उठाए व्यवस्था पर सवाल
स्थानीय निवासी बासुकीनाथ झा ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि किसी छात्रा के साथ दुर्व्यवहार हुआ है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, यदि शिक्षक निर्दोष हैं, तो उनके साथ मारपीट करने वालों पर भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत के आधार पर कानून को अपने हाथ में लेना उचित नहीं है। ऐसी घटनाओं से शिक्षकों का मनोबल प्रभावित होता है और गांव की शैक्षणिक व्यवस्था की छवि भी धूमिल होती है। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
शिकायत के अभाव में पुलिस की कार्रवाई नहीं
बताया जाता है कि घटना के संबंध में अब तक दोनों पक्षों में से किसी ने पुलिस में लिखित शिकायत नहीं की है। इसी कारण पुलिस की ओर से कार्रवाई शुरू नहीं होने की बात सामने आ रही है। विद्यालय के शिक्षक नारायण झा और कमलापति मिश्र ने भी रामकुमार को कानूनी कार्रवाई करने की सलाह दी, लेकिन शिक्षक ने फिलहाल इस दिशा में कदम नहीं उठाया है।
हालांकि, शिक्षक द्वारा शिकायत नहीं किए जाने को उनके विरुद्ध आरोपों का प्रमाण नहीं माना जा सकता। दूसरी ओर, छात्रा की शिकायत की गंभीरता को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
जांच और कार्रवाई से ही स्पष्ट होगी सच्चाई
मदरिया के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में हुई इस घटना ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या छात्रा के आरोपों की विधिवत जांच होगी? क्या शिक्षक के साथ मारपीट करने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी? और क्या प्रशासन विद्यालय में भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पहल करेगा?
ग्रामीणों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए। शिक्षक दोषी पाए जाएं तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई हो और आरोप निराधार साबित हों तो शिक्षक के साथ मारपीट करने वालों को भी कानून के दायरे में लाया जाए। अब देखना यह है कि यह मामला भी पूर्व की घटनाओं की तरह आपसी समझौते तक सीमित रह जाता है या प्रशासन की पहल से विद्यालय में सुरक्षित और शांतिपूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाते हैं।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra

