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साइबर क्राइम ने साइबर ठगी की 13.83 लाख रुपये की धनराशि कराई फ्रीज

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साइबर क्राइम ने साइबर ठगी की 13.83 लाख रुपये की धनराशि कराई फ्रीज


लखनऊ, 19 अगस्त (हि.स.)। साइबर क्राइम टीम ने बुधवार को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 42.09 लाख रुपये की साइबर ठगी के प्रकरण में 13.83 लाख रुपये की धनराशि फ्रीज कराई है।

अपर पुलिस उपायुक्त अपराध किरन यादव ने बताया कि साइबर क्राइम थाना में वादी जमीन अब्बास जमाली ने तहरीर देकर बताया कि उसे साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट कर लिया था। उसके खाते से 42,09,869 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई।

पीड़ित ने इस मामले में साइबर थाना में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की तो पता चला कि साइबर ठगों ने वादी से ठगी गई धनराशि को कुल 06 बैंक खातों में स्थानांतरित कराया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक खातों पर आवश्यक कार्रवाई कर धनराशि को फ्रीज होल्ड कराया है। अभी तक 02 बैंक खातों से संबंधित विवरण प्राप्त हो चुका है, जिनके संबंध में की गई कार्रवाई के फलस्वरूप कुल 13,83,735 लाख की धनराशि फ्रीज कराई जा चुकी है।

विवेचना के दौरान घटना में 06 मोबाइल नंबरों के संबंध में तकनीकी जानकारी प्राप्त की गई। उक्त मोबाइल नंबर विभिन्न राज्यों, जिनमें असम, गुजरात एवं कर्नाटक शामिल हैं, से संबंधित पाए गए हैं। वहीं, व्हाटसअप से प्राप्त तकनीकी विवरण एवं आईपी संबंधी जानकारी के विश्लेषण में विभिन्न आईपी लोकेशन कम्बोडिया, यूएई, चीन आदि देशों से संबंधित पाई गई हैं। पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, आईपी एड्रेस एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों की आपस में कड़ियां जोड़कर घटना में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान एवं उनकी भूमिका के संबंध में साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं। शेष बैंक खातों एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों के संबंध में जानकारी प्राप्त कर नियमानुसार अग्रिम विवेचनात्मक कार्रवाई की जा रही है।

एडीसीपी क्राइम किरन यादव ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। कोई भी पुलिस अधिकारी अथवा जांच एजेंसी वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी का भय दिखाकर धनराशि ट्रांसफर करने के लिए नहीं कहती। ऐसे किसी कॉल पर घबराएं नहीं और अपनी बैंकिंग अथवा व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली साइबर ठगी के प्रति स्वयं जागरूक रहें तथा अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। किसी भी संदिग्ध कॉल, वीडियो कॉल अथवा ऑनलाइन दबाव की स्थिति में तत्काल 1930 पर कॉल करें।

हिन्दुस्थान समाचार / दीपक