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उमरिया में बाघ की संदिग्ध मौत, करंट लगाकर शिकार की आशंका

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उमरिया में बाघ की संदिग्ध मौत, करंट लगाकर शिकार की आशंका


उमरिया, 06 अप्रैल (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के उमरिया जिले में बाघों की लगातार हो रही मौतों के बीच सोमवार को एक और संदिग्ध मामला सामने आया है। वन विकास निगम की चंदिया रेंज से लगे क्षेत्र में एक बाघ का सड़ा-गला शव मिलने से हड़कंप मच गया है। प्रथम दृष्टया करंट लगाकर शिकार किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम मझगंवा और चंदवार की सीमा से लगे कक्ष क्रमांक पीएफ-111 के पास राजस्व क्षेत्र में कई दिन पुराना बाघ का शव बरामद हुआ। शव की स्थिति को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि बाघ का शिकार करंट लगाकर किया गया है।

घटना की सूचना मिलते ही वन विकास निगम के अधिकारियों ने टाइगर रिजर्व की टीम, डॉग स्क्वॉड और पशु चिकित्सकों को मौके पर बुलाया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट पुष्टि हो सकेगी।

वन विकास निगम के डीएम अमित पटौदी ने बताया कि पीएफ-111 के समीप राजस्व क्षेत्र में बाघ का शव मिला है। प्रारंभिक तौर पर करंट से मौत की संभावना लग रही है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम के बाद ही सामने आएगा।

गौरतलब है कि इससे पहले भी 13 दिसंबर 2025 को चंदिया रेंज क्षेत्र में कथली नदी के किनारे एक बाघ का करंट लगाकर शिकार किए जाने का मामला सामने आया था। उस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी, लेकिन बाद में वे बरी हो गए थे।

स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों और निगरानी की कमी के चलते वन्यजीवों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। बाघों की लगातार हो रही मौतों से संरक्षण व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

ऐसे में वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच की मांग उठ रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्‍द्र त्रिपाठी