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सूरत एसबीआई बैंक लूटकांड : हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस पर फायरिंग, आरोपित के पैरों में लगी गोली

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सूरत एसबीआई बैंक लूटकांड : हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस पर फायरिंग, आरोपित के पैरों में लगी गोली


सूरत, 08 मई (हि.स.)। गुजरात के सूरत के वराछा क्षेत्र स्थित एसबीआई बैंक में 50 लाख रुपये की लूट मामले में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। लूटकांड के मुख्य आरोपित शुभम ने हथियार बरामदगी के दौरान क्राइम ब्रांच की टीम पर फायरिंग कर फरार होने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लग गई। घायल आरोपित को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यू सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सूरत क्राइम ब्रांच की टीम सात दिन की रिमांड पर चल रहे आरोपित शुभम और उसके साथी विकास को लेकर सूरत ग्रामीण के कन्यासी गांव पहुंची थी। पुलिस टीम वहां लूट में इस्तेमाल किए गए हथियार और मोबाइल की बरामदगी के साथ घटनास्थल का पुनर्निर्माण कर रही थी।

पूछताछ के दौरान आराेपित शुभम ने बताया था कि उसने खेत के पास नाले के समीप पिस्तौल और मोबाइल छिपाए थे। पुलिस शुक्रवार काे जब बरामदगी की कार्रवाई कर रही थी, तभी आरोपित ने अचानक एक पुलिसकर्मी से पिस्तौल छीन ली और टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस स्थिति को देखते हुए सूरत एसीपी किरण मोदी ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की ताे पुलिस की गोली शुभम के दोनों पैरों में लगी, जिससे वह मौके पर ही घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे दोबारा हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

गौरतलब है कि 27 अप्रैल 2026 को वराछा स्थित एसबीआई बैंक में 50 लाख रुपये की लूट हुई थी। जांच में सामने आया कि इस वारदात का मास्टरमाइंड बिहार की बेउर सेंट्रल जेल में बंद कुख्यात अपराधी कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत है।

पुलिस के अनुसार कुंदन जेल में रहते हुए एक विशेष मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए अपने गैंग को निर्देश दे रहा था। वह इससे पहले देहरादून की 12 करोड़ रुपये की रिलायंस ज्वेलरी लूट में भी शामिल रह चुका है। सूरत पुलिस ने बताया की आरोपिताें ने सूरत महानगर पालिका चुनाव के दौरान वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई थी, ताकि पुलिस बल चुनाव ड्यूटी में व्यस्त रहे और उन्हें फरार होने का मौका मिल सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे