सूरत में संपत्ति विवाद में मां और छोटे भाई की हत्या का आरोप
सूरत, 18 अक्टूबर (हि.स.)। गुजरात के सूरत में संपत्ति और दुकानों से मिलने वाले किराये को लेकर हुए विवाद में मां और छोटे बेटे की चाकू से हमला कर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना रविवार सुबह लिंबायत क्षेत्र की सहजानंद सोसायटी में हुई। मृतकों की पहचान मलेश्वरीबेन सुदर्शन गोंडुरु और उनके छोटे बेटे राजू के रूप में हुई है। आरोप है कि बड़े बेटे श्रीनिवास ने दोनों पर चाकू से हमला किया। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार, मूल रूप से तेलंगाना का रहने वाला यह परिवार सूरत में रहता है। मृतका मलेश्वरीबेन सुदर्शन गोंडुरु के तीन बेटे श्रीनिवास, रमेश और राजू हैं। मलेश्वरीबेन अपने सबसे छोटे बेटे राजू के साथ रहती थीं।
मलेश्वरीबेन के नाम पर तीन दुकानें हैं, जिनसे लगभग 60 हजार रुपये मासिक किराया नियमित रूप से मिलता है। मां छोटे बेटे राजू के साथ रहती थीं, इसलिए वह किराये की पूरी रकम राजू को देती थीं। इस बात को लेकर बड़ा बेटा श्रीनिवास अक्सर नाराजगी जताता था। वह संपत्ति और उससे होने वाली आय को तीनों भाइयों के बीच बराबर बांटने की मांग कर रहा था।
कुछ समय पहले भी मलेश्वरीबेन ने अपने बड़े बेटे श्रीनिवास से स्पष्ट कहा था कि जब तक वह जीवित हैं, तब तक संपत्ति या किराये की रकम का कोई बंटवारा नहीं किया जाएगा। मां के इस फैसले से श्रीनिवास मन ही मन नाराज था और छोटे भाई के प्रति उसकी नाराजगी बढ़ती जा रही थी।
संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद रविवार सुबह गंभीर रूप ले बैठा। सुबह लगभग 7:30 बजे श्रीनिवास लिंबायत स्थित सहजानंद सोसायटी के घर पहुंचा। वहां पहुंचते ही संपत्ति के मुद्दे पर फिर कहासुनी हुई। विवाद बढ़ने पर आरोप है कि श्रीनिवास ने चाकू निकालकर अपने छोटे भाई राजू और मां मलेश्वरीबेन पर लगातार कई वार किए। दोनों खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े। गंभीर चोटों के कारण दोनों की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई।
सुबह-सुबह एक ही घर में दो लोगों की हत्या से सोसायटी में भय और शोक का माहौल छा गया। सूचना मिलते ही लिंबायत पुलिस थाने का दल, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम घटनास्थल पर पहुंची।
पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा सहित कानूनी कार्रवाई शुरू की और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। रिपोर्ट के अनुसार, बड़े बेटे श्रीनिवास के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही थी।
राजू की पत्नी ममता ने बताया कि उनके जेठ ने पहले उनकी सास और फिर उनके पति पर चाकू से हमला किया। इसके बाद आरोपी उन्हें भी मारने के लिए आया। ममता के अनुसार, जब वह बीच-बचाव करने पहुंचीं, तो उनके हाथ पर चाकू से वार किया गया। उन्होंने बताया कि संपत्ति को लेकर परिवार में विवाद चल रहा था और इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था।
ममता के हाथ में चोट आई है और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके बयान के अनुसार परिवार में संपत्ति को लेकर पहले भी कई बार विवाद हो चुका था।परिवार से जुड़ी जानकारी के मुताबिक दोनों भाइयों के बीच पहले भी संपत्ति को लेकर कई बार विवाद हुआ था। आरोप है कि दोनों को नशे और जुए की आदत थी। जुए के कारण लगभग आठ से दस लाख रुपये का कर्ज होने की बात भी सामने आई थी। बताया गया है कि उस समय मां ने यह कर्ज चुकाया था।
परिवार में संपत्ति के बंटवारे को लेकर पिछले लगभग दो वर्षों से फिर विवाद चल रहा था। बेटों की मांग थी कि संपत्ति उनके नाम कर दी जाए, जबकि मां का कहना था कि यदि वह अभी संपत्ति दे देंगी तो बेटे उसे बेचकर खर्च कर सकते हैं और बच्चों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। इसी कारण वह संपत्ति अपने नाम पर रखना चाहती थीं।
हत्या में मारे गए राजू के दो छोटे बच्चे हैं—लगभग दो वर्ष की बेटी और छह महीने का बेटा। परिवार की ओर से बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है। परिजनों ने प्रशासन और सरकार से इस मामले में उचित कदम उठाने की मांग की है।
परिवार को आशंका है कि संपत्ति को लेकर भविष्य में भी विवाद हो सकता है और उसका असर बच्चों पर पड़ सकता है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस उपायुक्त कानन देसाई के अनुसार, सहजानंद सोसायटी के पास एक मां और उनके तीन बेटों का परिवार साथ रहता था। मां और तीनों बेटों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। पिछले दो वर्षों से इस मुद्दे पर बैठकें भी हुई थीं। संपत्ति के हिस्से को लेकर तीनों भाइयों और उनकी मां के बीच तनाव था।
संपत्ति और किराये की आय को लेकर चल रहा विवाद इस घटना की जांच का प्रमुख पहलू है। पुलिस आरोपी श्रीनिवास की भूमिका, परिवार के पुराने विवादों और घटना के घटनाक्रम की जांच कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे

