अवैध रेत भंडारण पर सख्ती, चिन्हित लोगों पर होगी कार्रवाई: एएसपी
दतिया, 23 मई (हि.स.)। राष्ट्रीय चम्बल घडिय़ाल अभ्यारण्य में नदी के तट से रेत का अवैध खनन कर भण्डारण करने वालों पर कार्यवाही के प्रयास टास्कफोर्स के शुरू कर दिये हैं। एक सप्ताह के दौरान लगभग एक करोड़ रूपये से अधिक कीमत का भण्डारित रेत को टास्कफोर्स ने मशीनों के माध्यम से विनिष्ट कर दिया है।
रेत का भण्डारण शासकीय अथवा निजी जमीन पर किया जा रहा है। इसकी तलाश आरंभ कर दी गई है। पुलिस व वन विभाग द्वारा रेत भण्डारण करने वाले निजी जमीन के मालिकों की पहचान की जा रही है। पुलिस द्वारा ऐसे लोगों के विरद्ध आपराधिक मामला दर्ज कर कार्यवाही की जायेगी।
बीते एक सप्ताह के दौरान टास्कफोर्स ने आधा दर्जन से अधिक वाहनों को पकडक़र राजसात करने की कार्यवाही की जा रही है। वहीं जिले के तिंदोखर, नगरा, रिठौरा सहित अन्य गांवों में भण्डारित रेत विनष्ट किया गया। राष्ट्रीय चम्बल घडिय़ाल अभ्यारण्य से रेत के अवैध खनन को लेकर उच्चतम न्यायालय द्वारा मध्यप्रदेश सहित उत्तरप्रदेश व राजस्थान सरकार को कड़े निर्देश जारी किये जा रहे हैं।
उच्चतम न्यायालय की सख्ती के बाद मुरैना जिले की टास्कफोर्स द्वारा अपनी गतिविधियां तेज कर दीं है। राष्ट्रीय चंबल घडिय़ाल अभ्यारण के 435 किलोमीटर चम्बल नदी क्षेत्र से रेत का खनन व परिवहन पूर्णत: प्रतिबंधित है। एक सप्ताह के दौरान जिले के ढाई सैकड़ा ट्रॉली से अधिक रेत के अवैध भण्डारण को विनिष्ट किया गया है। इस कार्य में प्रशासन, पुलिस, वन विभाग, राजस्व तथा खनिज विभाग मिलकर कार्यवाही कर रहे हैं। टास्कफोर्स द्वारा चम्बल नदी के तट पर पहुंचने के लिये खनने करने वालों द्वारा बनाये गये रास्तों को भी बंद करने का काम किया जा रहा है, जिले में अनेक घाटों पर जाने वाले रास्तों पर गहरी-गहरी खाईयां खोद दी गई है। वहीं कुछ घाटों पर लगातार सशस्त्र पुलिस बल द्वारा 24 घंटे निगरानी कर खनन माफिया की कमर तोडऩे का काम किया जा रहा है।
मुरैना अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्रपाल सिंह डाबर का कहना है कि रेत के अवैध खनन व परिवहन के साथ-साथ भण्डारण पर भी प्रतिदिन कार्यवाही की जा रही है। चम्बल नदी के प्रतिबंधित क्षेत्र से निजी जमीन पर रेत का अवैध भण्डारण करने वालों की पहचान होने पर तत्काल कार्यवाही की जावेगी। नदी घाट तक जाने वाले रास्तों को भी खाई खोदकर बंद किया जा रहा है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा

