एसएसबी ने मानव तस्करी का प्रयास किया विफल
सुपौल, 19 अप्रैल (हि.स.)। 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल वीरपुर ने सीमा क्षेत्र में गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए मानव तस्करी के प्रयास को विफल कर दिया। इस दौरान दो नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया तथा एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
जानकारी के अनुसार 18 अप्रैल को सीमा चौकी शैलेशपुर के चेक पोस्ट पर ड्यूटी के दौरान आने-जाने वाले लोगों की सघन जांच की जा रही थी। इसी दौरान एक व्यक्ति के साथ दो नाबालिग लड़कियों को रोककर पूछताछ की गई। पूछताछ में व्यक्ति ने अपना नाम बशीर अहमद दोइए, निवासी अनंतनाग, जिला पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) बताया।
जांच के दौरान एक बालिका द्वारा प्रस्तुत जन्म प्रमाण पत्र संदिग्ध पाया गया। गहन पूछताछ में पता चला कि उसकी वास्तविक उम्र करीब 15 वर्ष है। दूसरी लड़की को उसकी बहन बताया गया, लेकिन इसका कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया जा सका। आरोपी ने यह भी बताया कि उसने करीब दो वर्ष पूर्व एक बालिका से विवाह किया है और दोनों को अपने साथ कश्मीर ले जा रहा है, लेकिन विवाह से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका।
मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर एसएसबी ने दोनों नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को भी दी गई। इसके बाद एनजीओ सर्वो प्रयास संस्थान (मधुबनी) और एनजीओ (नेपाल) की उपस्थिति में आवश्यक दस्तावेज तैयार किए गए। पूरी कार्रवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय और मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन किया गया। बाद में दोनों नाबालिग लड़कियों और आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए भीमनगर थाना को सुपुर्द कर दिया गया।
इस अभियान में सहायक उप निरीक्षक नंदलाल, मानव तस्करी विरोधी इकाई की उप निरीक्षक भावना सहित अन्य एसएसबी कर्मी शामिल थे। इसी क्रम में 18 अप्रैल को सीमा चौकी पिपराही के कार्यक्षेत्र अंतर्गत स्पर संख्या 1090 के पास ग्रामीणों द्वारा एक गिद्ध देखे जाने की सूचना मिली। सूचना मिलने पर वन विभाग वीरपुर को अवगत कराया गया। इसके बाद 19 अप्रैल को वन विभाग के साथ संयुक्त गश्ती अभियान चलाकर मौके पर पहुंचकर विलुप्तप्राय प्रजाति के गिद्ध का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू किए गए गिद्ध को सुरक्षित रूप से संरक्षण के लिए वन विभाग वीरपुर को सुपुर्द कर दिया गया। एसएसबी की 45वीं वाहिनी ने बताया कि सीमा क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और मानव तस्करी जैसे अपराधों की रोकथाम के लिए उनका अभियान लगातार जारी रहेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

