14 हत्या, हत्या के प्रयास और रंगदारी के मामलों में शामिल गैंग का सरगना शबीर चौधरी गिरफ्तार
नई दिल्ली, 26 जून (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली और ट्रांस-यमुना इलाके में सक्रिय संगठित अपराध सिंडिकेट के सरगना शबीर अली उर्फ शबीर चौधरी को गिरफ्तार किया है। वह अप्रैल 2025 से स्पेशल सेल के मकोका मामले में फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार शबीर पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, जमीन कब्जाने सहित 14 संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस मकोका केस में अब तक उसके गिरोह के नौ सदस्य पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने शुक्रवार को बताया कि इंस्पेक्टर आलोक कुमार मौर्य और इंस्पेक्टर नीतू कुमार की टीम ने गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर 14 जून को हरियाणा के शंभू बॉर्डर से शबीर चौधरी को गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे दिल्ली लाया गया। पुलिस ने आरोपित के कब्जे से एक एक्सयूवी-700 कार और एक स्कूटी बरामद की है। मामले में आगे की जांच जारी है।
नेपाल और दुबई से भी चलता था नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक शबीर चौधरी, शबीर चौधरी-हाशिम बाबा-अनवर चाचा संगठित अपराध सिंडिकेट का सरगना है। गिरोह मुख्य रूप से ट्रांस-यमुना और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर, भजनपुरा, मौजपुर, शाहदरा समेत उप्र के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय था। गिरोह के सदस्य रंगदारी, हत्या, हत्या के प्रयास और जमीन कब्जाने जैसी वारदातों को अंजाम देते थे। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के कुछ सदस्य नेपाल और दुबई से भी नेटवर्क संचालित कर रहे थे।
1990 के दशक से अपराध की दुनिया में
पुलिस के अनुसार शबीर चौधरी मूल रूप से मुजफ्फरनगर (उप्र) का रहने वाला है। उसने 1990 के दशक के मध्य में सीलमपुर निवासी हाजी अफजाल के साथ मिलकर अपराध की दुनिया में कदम रखा। वर्ष 2008 में भाई शमीम अहमद की हत्या के बाद उसने अपनी आपराधिक गतिविधियां और तेज कर दीं। जेल में रहने के दौरान उसकी मुलाकात कुख्यात अपराधी हाशिम बाबा और अनवर खान उर्फ चाचा से हुई, जिसके बाद उसने संगठित अपराध सिंडिकेट खड़ा कर लिया। शबीर चौधरी पहले भी कई आपराधिक मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। उसके खिलाफ एक मकोका का मामला भी दर्ज रह चुका है। वह वर्तमान में स्पेशल सेल द्वारा जांच किए जा रहे वर्ष 2024 के मकोका केस और भजनपुरा थाने के आर्म्स एक्ट के एक मामले में अदालत से जारी गैर-जमानती वारंट में भी वांछित था।
स्पेशल सेल ने जनवरी 2026 में गिरोह के शार्प शूटर सोहेल उर्फ आलम उर्फ तोहीद को एक पिस्टल और तीन कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। वहीं दिसंबर 2025 में गिरोह से जुड़े जासिम उर्फ आलू और जहांगीर उर्फ इक्का को चार पिस्टल और 14 जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार इस संगठित अपराध सिंडिकेट के प्रमुख सदस्य हाशिम बाबा, अनवर खान उर्फ चाचा, जोया खान, समीर उर्फ बाबा, सलीम अहमद उर्फ सलीम पिस्टल, हर्ष पाल सिंह उर्फ रूबल और इल्लियास पहले से ही मकोका मामले में जेल में बंद हैं। पुलिस अब गिरोह के वित्तीय नेटवर्क और अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

