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स्पेशल सेल के हत्थे चढ़ा मंजीत महल गैंग का बदमाश

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स्पेशल सेल के हत्थे चढ़ा मंजीत महल गैंग का बदमाश


नई दिल्ली, 15 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की (दक्षिण-पश्चिम रेंज) यूनिट ने मंजीत महल गैंग के सक्रिय सदस्य और राजस्थान पुलिस के 20 हजार रुपये के इनामी बदमाश लोकेश उर्फ सूर्या को गिरफ्तार किया है। आरोपित के कब्जे से एक लोडेड रिवॉल्वर, छह जिंदा कारतूस, एक टोयोटा ग्लांजा कार और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपित हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, डकैती और लूट सहित 20 से अधिक संगीन मामलों में वांछित रहा है।

स्पेशल सेल के अधिकारियों के अनुसार लोकेश उर्फ सूर्या की गतिविधियों को लेकर लगातार खुफिया सूचनाएं मिल रही थीं। वह राजस्थान के भिवाड़ी थाने में दर्ज अपहरण और डकैती के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। इसी मामले में राजस्थान पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। आरोपित लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था, जिससे उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी।

पुलिस ने बताया कि इंस्पेक्टर मनेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। 11 और 12 जुलाई की दरम्यानी रात गुरुग्राम के सेक्टर-29 में जाल बिछाया गया। 12 जुलाई की सुबह करीब सात बजे सेक्टर-29 मार्केट से आरोपित को दबोच लिया गया। पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर उसकी टोयोटा ग्लांजा कार से एक लोडेड रिवॉल्वर और छह जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इस संबंध में स्पेशल सेल थाने में शस्त्र अधिनियम के तहत अलग मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

पुलिस के अनुसार 33 वर्षीय लोकेश उर्फ सूर्या मूल रूप से हरियाणा के चरखी दादरी का रहने वाला है, जबकि वर्तमान में वह दिल्ली के नजफगढ़ स्थित गोपाल नगर में रह रहा था। उसने दिल्ली से स्नातक की पढ़ाई की थी, लेकिन वर्ष 2014 के बाद अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया। जांच एजेंसियों के अनुसार वह मंजीत महल गैंग का सक्रिय सदस्य है और दिल्ली-एनसीआर में गैंग की कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।

पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2019 में भिवाड़ी में उसने अपने साथियों के साथ एक व्यक्ति का कथित रूप से अपहरण कर एटीएम से नकदी निकालने के बाद उसकी नकदी, सामान और एसयूवी लूट ली थी। इसके अलावा विकासपुरी में कारोबारी अमित कोचर की हत्या के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। पुलिस का आरोप है कि रंगदारी की मांग पूरी नहीं होने पर उसने साथियों के साथ मिलकर कारोबारी पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। वहीं, कापसहेड़ा में प्रतिद्वंद्वी गिरोह के सदस्य नरेश राणा की हत्या के मामले में भी उसकी कथित भूमिका रही है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, लूट, डकैती, रंगदारी, सरकारी कर्मचारी पर हमला और आर्म्स एक्ट सहित 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

स्पेशल सेल के अधिकारियों का कहना है कि आरोपित की गिरफ्तारी से दिल्ली-एनसीआर में गैंग द्वारा रची जा रही कई संभावित आपराधिक वारदातों को टाला जा सका है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है ताकि उसके अन्य साथियों, हथियारों के नेटवर्क और हाल के दिनों में उसकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। मामले में आगे की जांच जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी