गोगी गैंग का शूटर दबोचा, वकील पर फायरिंग मामले में था फरार
नई दिल्ली, 16 मई (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कुख्यात जितेंद्र गोगी गैंग के एक शूटर को गिरफ्तार किया है। आरोपित पिछले साल करावल नगर इलाके में एक वकील पर जानलेवा हमला करने के मामले में फरार चल रहा था। कोर्ट उसे पहले ही भगोड़ा घोषित कर चुकी थी। आरोपित के पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस को शक है कि यही हथियार करावल नगर फायरिंग केस में इस्तेमाल किया गया था।
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने शनिवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपित की पहचान हरियाणा के पानीपत निवासी सोनू उर्फ सचिन चौधरी (24) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से कैथल जिले के सीसला गांव का रहने वाला है। आरोपित को 15 मई को अलीपुर इलाके से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस उपायुक्त के मुताबिक, आरोपित करावल नगर थाने में दर्ज हत्या के प्रयास के एक मामले में वांछित था। 16 अक्टूबर 2025 को जगदंबा कॉलोनी, जोहरीपुर इलाके में आरोपित ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक वकील की कार रोककर उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। इस मामले में स्पेशल सेल पहले ही उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं सोनू फरार चल रहा था। कोर्ट ने 10 अप्रैल 2026 को उसे भगोड़ा अपराधी करार दिया था।
जांच में सामने आया कि आरोपित का संबंध कुख्यात जितेंद्र गोगी गैंग से है। वर्ष 2021 में उसकी पहचान अमेरिका में बैठे गैंग के सदस्य संदीप दहिया से एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया ऐप्स के जरिए हुई थी। बाद में संदीप ने उसकी मुलाकात आकाश पांचाल से कराई, जो करावल नगर फायरिंग केस में सह-आरोपित है और पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस के अनुसार 2022 में पानीपत के मॉडल टाउन इलाके में डकैती की वारदात के बाद जब सोनू फरार हुआ, तब आकाश पांचाल ने उसे पनाह दी थी। इसके बाद वह लगातार गैंग के संपर्क में रहा। अक्टूबर 2025 में संदीप दहिया के कहने पर सोनू, आकाश और दो अन्य बदमाशों ने मिलकर वकील की कार को रास्ते में रोककर हमला किया। पुलिस के मुताबिक, वारदात के पीछे आकाश की पीड़ित से निजी रंजिश थी। हमले में इस्तेमाल हथियार संदीप दहिया ने सोनू तक पहुंचाया था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित दसवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ चुका है। वह पहले सिक्योरिटी गार्ड और फ्लोर मिल ऑपरेटर का काम करता था, लेकिन बाद में गोगी गैंग से जुड़ गया। फिलहाल वह बेरोजगार था और गैंग से मिलने वाले पैसों पर निर्भर था। पुलिस अधिकारी के अनुसार सोनू के खिलाफ हरियाणा और दिल्ली में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें दंगा, हमला, डकैती और आर्म्स एक्ट के मुकदमें शामिल हैं। पानीपत के इसराना थाने के एक मामले में भी उसे घोषित अपराधी घोषित किया जा चुका है। फिलहाल स्पेशल सेल उससे पूछताछ कर गैंग के अन्य सदस्यों और हथियार सप्लाई नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

