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सोशल मीडिया के जरिए चलता था हथियारों का नेटवर्क, सरगना समेत 8 गिरफ्तार

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सोशल मीडिया के जरिए चलता था हथियारों का नेटवर्क, सरगना समेत 8 गिरफ्तार


नई दिल्ली, 04 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (ईस्टर्न रेंज) ने दिल्ली-एनसीआर समेत उप्र, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब में अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत आठ आरोपिताें को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 18 अवैध हथियार, 10 अतिरिक्त मैगजीन और पांच जिंदा 9 एमएम कारतूस बरामद किए हैं। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपित सप्लायर, खरीदार और तस्करों के संपर्क में रहने के लिए सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल करते थे, ताकि पुलिस की नजर से बच सकें।

गिरफ्तार आरोपिताें की पहचान शिशपाल सिंह उर्फ यश चौधरी (सरगना), हरीश चंद्र, प्रीतपाल सिंह, कुलदीप सागर, एजेश कुमार, नूर मोहम्मद उर्फ तस्लीम, मोहम्मद शान और विक्रम सिंह के रूप में हुई है। बरामद हथियारों में 12 अत्याधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, पांच देशी पिस्टल, एक रिवॉल्वर, 10 अतिरिक्त मैगजीन, पांच जिंदा 9 एमएम कारतूस के अलावा प्रीतपाल सिंह के पास से एक जिंदा कारतूस और लोहे का हंसिया भी मिला।

स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि , पांच जुलाई को गुप्त सूचना के आधार पर हरीश चंद्र को गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से आठ सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और आठ मैगजीन बरामद हुईं। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने भाई भगत सिंह के साथ मध्य प्रदेश के सेंधवा से अवैध हथियार लाकर गिरोह के सरगना शिशपाल सिंह के निर्देश पर विभिन्न राज्यों में सप्लाई करता था। इसके बाद पुलिस ने क्रमवार कार्रवाई करते हुए प्रीतपाल सिंह, शिशपाल सिंह, कुलदीप सागर, एजेश कुमार, नूर मोहम्मद, मोहम्मद शान और विक्रम सिंह को गिरफ्तार किया।

जांच में सामने आया कि शिशपाल सिंह पिछले तीन वर्षों से मध्य प्रदेश और उप्र के अलीगढ़ से हथियार मंगाकर अपना नेटवर्क चला रहा था। उसने सोशल मीडिया पर फर्जी फेसबुक और इंस्टाग्राम प्रोफाइल तथा वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छिपा रखी थी। वहीं नूर मोहम्मद अलीगढ़ से देसी हथियार जुटाता था। गिरोह के अन्य सदस्य हथियारों की ढुलाई, सुरक्षित ठिकानों पर भंडारण और खरीदारों तक डिलीवरी का काम करते थे। हथियार उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब के अपराधियों तक पहुंचाए जाते थे। पुलिस के अनुसार, नूर मोहम्मद के खिलाफ पहले से 12 और मोहम्मद शान के खिलाफ छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस मामले में स्पेशल सेल ने आर्म्स एक्ट, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़ी धारा 111 के तहत मामला दर्ज किया है। फरार आरोपितों की तलाश और हथियारों की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी