अंतरराष्ट्रीय आर्म्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर नौ दबोचे
नई दिल्ली, 29 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उत्तर भारत में सक्रिय एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए नौ को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि यह सिंडिकेट पाकिस्तान से नेपाल सीमा के रास्ते विदेशी हथियार भारत में मंगाकर दिल्ली-एनसीआर और उप्र के अपराधियों तक पहुंचाता था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 23 अत्याधुनिक हथियार, जिनमें विदेशी सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल शामिल हैं, तथा 92 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने इनसे 18 विदेशी/अत्याधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 2 देशी शॉटगन, 3 देशी कट्टे और 6 अतिरिक्त मैगजीन बरामद की है।
स्पेशल सेल के संयुक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद कुशवाह ने बुधवार को बताया कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन फरार अपराधी शाहबाज अंसारी और उसके चाचा रेहान अंसारी कर रहे थे। शाहबाज राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के एक मामले में पैरोल जंपर है, जबकि रेहान अंसारी पहले से स्पेशल सेल के एक मामले में उद्घोषित अपराधी घोषित है। पुलिस के अनुसार पिछले करीब दो सप्ताह से स्पेशल सेल की ईस्टर्न रेंज टीम इस सिंडिकेट की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट के आधार पर दिल्ली व उत्तर प्रदेश में सिलसिलेवार छापेमारी की गई, जिसके बाद इस नेटवर्क की कई परतें खुलती चली गईं।
ऐसे खुला नेटवर्क का राज
14 अप्रैल को उस्मानपुर से फर्दीन नामक आरोपित को पकड़ा गया, जिसके पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और नौ कारतूस मिले। पूछताछ में उसने बताया कि हथियार उसे वसीम मलिक के नेटवर्क से मिलते हैं। इसके बाद शास्त्री पार्क से वसीक को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से दो देशी शॉटगन, एक देसी कट्टा, 42 कारतूस और छह मैगजीन बरामद हुईं। जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि इस नेटवर्क में रोहिणी जेल में बंद वसीम मलिक भी सक्रिय भूमिका निभा रहा था। उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। उसके खुलासे पर पुलिस ने खुर्जा से अमन उर्फ अभिषेक को पकड़ा, जिसके पास से दो सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, दो देसी कट्टे और दो कारतूस बरामद किए गए। इसके बाद लोनी से आदिल को पकड़ा गया, जिसके मोबाइल में हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े चैट रिकॉर्ड मिले। 20 अप्रैल को जौनपुर निवासी मोहम्मद अहमद की गिरफ्तारी इस मामले में बड़ी सफलता साबित हुई। उसके कब्जे से 12 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 39 कारतूस और हथियारों की मरम्मत व मॉडिफिकेशन के उपकरण मिले।
विदेशी पिस्टल सप्लाई करने वाले लिंक भी गिरफ्तार
जांच में खुलासा हुआ कि दिल्ली-एनसीआर में विदेशी हथियारों की सप्लाई का जिम्मा शाहबाज अंसारी के रिश्तेदार राहिल और इमरान संभालते थे। दोनों को 23 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया। वहीं अहमद के खुलासे पर आजमगढ़ निवासी विशाल को पकड़ा गया, जिसने पांच विदेशी पिस्टल लेने की बात कबूल की। उसके पास से तीन विदेशी सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल बरामद हुईं।
पाकिस्तान से नेपाल बॉर्डर के जरिए आती थीं खेप
स्पेशल सेल के अनुसार यह सिंडिकेट पाकिस्तान से विदेशी हथियारों की खेप नेपाल सीमा के रास्ते भारत में मंगाता था। इसके बाद हथियारों को अलग-अलग चैनलों के जरिए दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के गैंगों तक पहुंचाया जाता था। आरोपित एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए संपर्क में रहते थे ताकि पुलिस की निगरानी से बच सकें। गिरफ्तार आरोपितों में कई ऐसे हैं जिन पर हत्या, लूट, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के दर्जनों मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक नेटवर्क का मुख्य हैंडलर शाहबाज अंसारी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में कई राज्यों में छापेमारी की जा रही है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

