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फर्जी वीजा और विदेश में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले तीन आरोपित गिरफ्तार

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फर्जी वीजा और विदेश में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले तीन आरोपित गिरफ्तार


नई दिल्ली, 10 अप्रैल (हि.स.)। दक्षिण जिला साइबर थाना पुलिस ने विदेश में नौकरी और वीजा दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का मास्टरमाइंड अभी फरार है। आरोपितों के पास से बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, पासपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।

दक्षिण जिले के पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल ने शुक्रवार को बताया कि एनसीआरपी पोर्टल पर मिली शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू की गई। शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप के जरिए विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया था और वीजा प्रोसेसिंग के नाम पर उससे पैसे वसूले गए। रकम मिलने के बाद आरोपित संपर्क से गायब हो गए।

पुलिस उपायुक्त के अनुसार जांच के दौरान संदिग्ध मोबाइल नंबर की तकनीकी निगरानी की गई, जिसमें उसकी लोकेशन दिल्ली के रानी बाग इलाके में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने छापेमारी कर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में साइबर थाना दक्षिण में एफआईआर नंबर 16/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान नंद किशोर प्रसाद (पश्चिम बंगाल), अहमद हयात खान (बिहार) और मुस्ताक खान (शाहीन बाग, दिल्ली) के रूप में हुई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि शादाब उर्फ मोहम्मद खुशनूद इस गिरोह का मास्टरमाइंड है, जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को फंसाने का काम करता था।

पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से छह स्मार्टफोन, दो लैपटॉप, चार डेस्कटॉप कंप्यूटर, 14 पासपोर्ट, एक पेनड्राइव (जिसमें फर्जी वीजा और दस्तावेज), तीन फर्जी मोहरें और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। सभी उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

जांच में सामने आया कि आरोपित सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए लोगों को विदेश में नौकरी का लालच देते थे। इसके बाद उन्हें फर्जी वेबसाइट्स पर भेजकर भरोसा दिलाया जाता और नकली वीजा दस्तावेज दिखाकर 15 हजार से 90 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। रकम मिलने के बाद आरोपित संपर्क तोड़ देते थे।

पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और देशभर में ठगे गए पीड़ितों की पहचान की जा रही है। पुलिस उपायुक्त ने लोगों से अपील की है कि विदेश नौकरी या वीजा के नाम पर किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे देने से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी