डिजिटल अरेस्ट कर महिला से 7.22 लाख की ठगी, तीन गिरफ्तार
नई दिल्ली, 01 जुलाई (हि.स.)। मुंबई एटीएस व सीबीआई अधिकारी बनकर दक्षिणी दिल्ली में महिला को डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगों ने उसके खाते से 7.22 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। पुलिस की जांच में सामने आया कि जालसाजी को म्यांमार और थाईलैंड में बैठे साइबर अपराधियों की टीम ने अंजाम दिया था। जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की गई थी पुलिस ने उनसे जुड़े तीन लोगों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान समीरन रॉय, प्रिंस शॉ तथा समर चटर्जी के रूप में हुई है। उन्होंने साइबर ठगों को म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध करवाए थे। आरोपियों के कब्जे से 6 मोबाइल फोन, लैपटॉप, 18 डेबिट कार्ड, 15 सिम कार्ड, 7 चेकबुक, मोहरें तथा 6 आधार कार्ड व अन्य सामान बरामद किया है।
दक्षिणी जिले के पुलिस उपायुक्ति अनंत मित्तल ने बताया कि 6 जून को दक्षिण दिल्ली में रहने वाली एक महिला ने डिजिटल अरेस्ट कर 7.22 लाख रुपये की ठगी की शिकायत पुलिस को दी थी। पीड़िता ने बताया कि आरोपितों ने उनको पार्सल में गलत सामान होने के नाम पर डराया धमकाया। जालसाजों के झांसे में आकर उन्होंने अपने बैंक खाते से ठगों के बताए खाते में रकम ट्रांसफर कर दी।
साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में पता चला कि ठगी की रकम को बंधन बैंक समेत खातों में ट्रांसफर किया गया। बाद में ठगी की रकम को थाईलैंड व म्यांमार भेज दिया गया। ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए म्यूल बैंक अकाउंट का इस्तेमाल हुआ था। पुलिस की टीम ने पश्चिम बंगाल के 24 परगना और हावड़ा इलाके में छापेमारी कर साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले तीनों आरोपितों को दबोच लिया। पूछताछ में पता चला आरोपी समर साइबर ठगों को म्यूल खाते उपलब्ध करवाता था जबकि बाकी दोनों आरोपितों के बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया गया था। आरोपितों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

