सोनहद में जमीन विवाद के बीच जान से मारने की धमकी का आरोप, ग्रामीणों ने मांगी सुरक्षा
दरभंगा, 14 अक्टूबर (हि.स.)। जिले के घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के कोर्थू पंचायत अंतर्गत सोनहद गांव में जमीन विवाद को लेकर तनाव की स्थिति उत्पन्न होने का मामला सामने आया है। एक पक्ष पर दूसरे पक्ष के लोगों को सार्वजनिक रूप से काट देने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, ग्रामीणों की तत्परता और सूझबूझ से मामला आगे बढ़ने से बच गया। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है।
ग्रामीणों के अनुसार, जमीन विवाद के दौरान कथित तौर पर एक ब्राह्मण व्यक्ति को खुलेआम काट देने की धमकी दी गई। इस घटनाक्रम ने गांव के लोगों को चिंतित कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन संबंधी विवाद अपनी जगह है, लेकिन किसी को धमकाना या कानून अपने हाथ में लेना उचित नहीं है। उनका मानना है कि ऐसे मामलों में समय रहते प्रशासनिक हस्तक्षेप जरूरी है, ताकि विवाद गंभीर रूप न ले सके।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
घटना के मद्देनजर ग्रामीणों के एक शिष्टमंडल ने प्रशासन से मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कराने, कथित रूप से धमकी का सामना कर रहे व्यक्ति और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने कहा कि किसी भी जमीन विवाद का समाधान कानून के दायरे में होना चाहिए। धमकी और भय के माहौल में लोगों का रहना सामाजिक सौहार्द के लिए उचित नहीं है। प्रशासन को मामले का संज्ञान लेकर गांव में शांति और भाईचारा बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
हरिनगर की घटना की याद से ग्रामीण चिंतित
ग्रामीणों के बीच इस घटनाक्रम को लेकर कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव में पूर्व में हुई घटना की भी चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि विवाद को समय रहते गंभीरता से नहीं लिया गया, तो स्थिति बिगड़ सकती है। हालांकि, सोनहद की घटना और हरिनगर की घटना के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
लिखित शिकायत का इंतजार
इस मामले में अब तक किसी भी पक्ष की ओर से थाने में लिखित आवेदन नहीं दिए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में घटना के संबंध में पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई और पक्षों के बयान सामने आना बाकी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि मामले को केवल जमीन विवाद मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाए, बल्कि लगाए गए धमकी के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। उनका कहना है कि समय पर उचित कार्रवाई से न केवल संबंधित परिवार का भरोसा बहाल होगा, बल्कि गांव में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra

