बाराबंकी में मुआवजे के 42 लाख रुपये बने बहन की हत्या की वजह, भाई-भाभी गिरफ्तार
बाराबंकी, 03 नवंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में बाराबंकी जिले के रामनगर थाना क्षेत्र स्थित महादेवा गांव में बीते दिनाें हुई महिला मंजू की हत्या का पुलिस ने मंगलवार को पर्दाफाश कर दिया। महादेवा कॉरिडोर में मकान जाने के बदले मिले करीब 42 लाख रुपये के मुआवजे में बहन को हिस्सा न देना पड़े, इसके लिए भाई ने पत्नी के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने हत्यारोपित भाई संदीप और उसकी पत्नी शीतल को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल ईंट भी बरामद की गई है।
अपर पुलिस अधीक्षक विवेक तिवारी ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि बिंदौरा परसपुर निवासी वंदना ने एक नवंबर को अपनी बड़ी बहन मंजू (42) की हत्या किए जाने की तहरीर दी थी। आरोप था कि मंजू के भाई संदीप और उसकी पत्नी शीतल ने ईंट से प्रहार करके उसकी बड़ी बहन की हत्या कर दी। इस पर रामनगर थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि संदीप का मकान महादेवा कॉरिडोर में चला गया था, जिसके एवज में उसे करीब 42 लाख रुपये मुआवजा मिला था। संदीप इस रकम में अपनी बहन मंजू को हिस्सा नहीं देना चाहता था। इसी बात को लेकर उसने पत्नी के साथ मिलकर मंजू की हत्या की योजना बनाई। आरोप है कि 30 अक्टूबर को दोपहर में जब मंजू रसोई में खाना बना रही थी, तभी दोनों ने वहां रखी ईंट से उसके सिर और चेहरे पर कई वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद दोनों आरोपित कही भागने की फिराक में थे तो पुलिस ने गजपतिपुर मोड़ के पास से दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपित संदीप के खिलाफ हत्या सहित कुल छह मुकदमे दर्ज हैं, जबकि उसकी पत्नी शीतल के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। --------------------
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज कुमार चतुवेर्दी

