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सिंगरौली में लोकायुक्त की कार्रवाई, 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते बीट गार्ड रंगे हाथ गिरफ्तार

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सिंगरौली में लोकायुक्त की कार्रवाई, 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते बीट गार्ड रंगे हाथ गिरफ्तार


सिंगरौली, 18 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में रीवा लोकायुक्त पुलिस ने शनिवार को सिंगरौली जिले के बरगवां वन परिक्षेत्र की ओबरी जंगल चौकी में बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए वन विभाग के बीट गार्ड अखिलेश शुक्ला को 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया।

लोकायुक्त पुलिस को फरियादी रामलोचन प्रजापति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ओबरी क्षेत्र से गुजरने वाले किसानों और अन्य लोगों के वाहनों से बीट गार्ड अखिलेश शुक्ला अवैध रूप से दो हजार रुपये की 'एंट्री फीस' वसूल रहा है। रिश्वत नहीं देने पर अनावश्यक परेशान किया जाता था। लोकायुक्त ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद ट्रैप की योजना बनाकर शनिवार को शिकायतकर्ता को केमिकल लगे नोट देकर आरोपी के पास भेजा गया।

जैसे ही बीट गार्ड ने शिकायतकर्ता से दो हजार रुपये रिश्वत के रूप में स्वीकार किए, पहले से घात लगाए बैठी रीवा लोकायुक्त की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। नियमानुसार कराई गई रासायनिक जांच (हैंडवॉश) में आरोपी के हाथ गुलाबी हो गए, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। टीम ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

लोकायुक्त रीवा के निरीक्षक एस. मरावी ने बताया कि आरोपी बीट गार्ड के खिलाफ प्राप्त शिकायत का सत्यापन कराया गया था। शिकायत सही मिलने पर ट्रैप कार्रवाई की गई। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को बरगवां स्थित सर्किट हाउस (रेस्ट हाउस) ले जाया गया, जहां पंचनामा सहित अन्य वैधानिक औपचारिकताएं पूरी की गईं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

वन विभाग में मचा हड़कंप

लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद बरगवां वन परिक्षेत्र के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति रही। दिनभर इस कार्रवाई की चर्चा होती रही। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। रीवा लोकायुक्त ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत मांगता है तो इसकी सूचना तुरंत लोकायुक्त को दें, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे