कांशीराम आवास के नाम पर फर्जी अलॉटमेंट लेटर से ठगी, भाई-बहन नोएडा से गिरफ्तार
कानपुर, 07 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में कानपुर जिले के कांशीराम आवास योजना के नाम पर फर्जी अलॉटमेंट लेटर और रसीद देकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जाजमऊ पुलिस और सर्विलांस टीम ने मामले में भाई-बहन को नोएडा से गिरफ्तार कर लिया, जबकि उनके एक साथी की तलाश की जा रही है।
सहायक पुलिस आयुक्त आशुतोष कुमार सिंह ने बुधवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपित जाजमऊ निवासी सत्यम तिवारी और उसकी बहन ओजस्वी तिवारी हैं। दोनों लोगों को सरकारी आवास दिलाने का झांसा देकर उनसे रकम लेते थे। इसके बाद फर्जी आवंटन पत्र, कब्जा पत्र और रसीद देकर उन्हें भरोसे में लिया जाता था। एक व्यक्ति से 70 हजार से एक लाख रुपये तक की रकम वसूली जाती थी। भुगतान कैश के साथ आरटीजीएस के जरिए भी कराया जाता था।
गिरोह में नौशाद अली नाम का तीसरा युवक भी शामिल था। आरोपित सरकारी आवास योजना में कालोनी दिलाने का भरोसा देकर लोगों से रकम लेते और बाद में फर्जी दस्तावेज थमा देते थे। आवास नहीं मिलने पर पीड़ितों से कब्जा दिलाने के नाम पर अतिरिक्त रकम की मांग की जाती थी।
अमित गौतम ने शिकायत में बताया कि सत्यम उसके कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर काम करता था। इसी वजह से उसने उस पर भरोसा कर सरकारी आवास के लिए रकम दी। बाद में सत्यम और नौशाद ने उसे आवंटन पत्र और कब्जा पत्र दिए। कालोनी नहीं मिलने पर रकम वापस मांगने पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया।
एक अन्य शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसकी मां के नाम कांशीराम आवासीय कालोनी का फार्म भरवाकर 45 हजार रुपये लिए गए। इसके बाद फर्जी आवंटन और कब्जा पत्र दे दिए गए। शिकायतकर्ता ने जाजमऊ थाने और आईजीआरएस के माध्यम से भी शिकायत की थी।
पुलिस के मुताबिक सत्यम और ओजस्वी के खिलाफ जाजमऊ थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल और धमकी समेत कई धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। सर्विलांस से मिली लोकेशन के आधार पर दोनों को छह अक्तूबर को गौतमबुद्धनगर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब फरार साथी नौशाद अली की तलाश के साथ गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की जांच कर रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

