एसआई भर्ती परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में इनामी फरार सहायक लेखाधिकारी गिरफ्तार
जयपुर, 08 जून (हि.स.)। बहुचर्चित उप निरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक प्रकरण में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने कार्रवाई करते हुए अपने भाई को एसआई बनवाने के लिए 7.50 लाख रुपये में लीक प्रश्न पत्र खरीदने वाले 10 हजार रुपये के इनामी और लंबे समय से फरार चल रहे सहायक लेखाधिकारी नागेश कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित घटना के बाद से फरार था और उसकी गिरफ्तारी पर एसओजी ने 10 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।
एसओजी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित नागेश कुमार यादव (32) निवासी हरदास का बास, ढाणी पड़ाव की, तहसील श्रीमाधोपुर, थाना अजीतगढ़, जिला सीकर है। वह उस समय पंचायत समिति अजीतगढ़, जिला सीकर में सहायक लेखाधिकारी द्वितीय के पद पर कार्यरत था। घटना सामने आने के बाद वह ड्यूटी से अनुपस्थित होकर फरार हो गया था। एसओजी ने सीकर पुलिस के सहयोग से उसे गिरफ्तार किया है।
जांच में सामने आया कि उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 के प्रश्न पत्रों के उत्तर तत्कालीन राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) सदस्य बाबूलाल कटारा से कुन्दन कुमार पंड्या ने प्राप्त किए थे। इसके बाद कुन्दन कुमार पंड्या ने प्रश्नों के उत्तर अपने परिचित संदीप कुमार लाटा और पुरुषोत्तम दाधीच को उपलब्ध कराए। उस समय पुरुषोत्तम दाधीच स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग, उदयपुर में सहायक लेखाधिकारी द्वितीय के पद पर कार्यरत था।
एसओजी जांच में खुलासा हुआ कि पुरुषोत्तम दाधीच और नागेश कुमार यादव एक ही विभाग में कार्यरत होने के कारण एक-दूसरे के परिचित थे। नागेश ने अपने भाई सुरजीत सिंह यादव को उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा में चयनित कराने के उद्देश्य से पुरुषोत्तम दाधीच से 7.50 लाख रुपये में प्रश्न पत्र और उत्तरों का सेट खरीदा था। यह सामग्री व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराई गई थी।
बताया गया कि सुरजीत सिंह यादव की उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा 15 सितंबर 2021 को कोटा में आयोजित हुई थी। परीक्षा से पहले नागेश ने प्रश्न पत्र और उत्तर अपने भाई को उपलब्ध करा दिए। लीक पेपर का अध्ययन कर परीक्षा देने के परिणामस्वरूप सुरजीत सिंह यादव ने हिन्दी विषय में 200 में से 190.79 अंक तथा सामान्य ज्ञान में 200 में से 158.27 अंक प्राप्त किए। उत्कृष्ट अंकों के आधार पर वह मेरिट सूची में 18वें स्थान पर रहा और उपनिरीक्षक पद पर अंतिम रूप से चयनित हो गया।
एसओजी ने इस मामले में सुरजीत सिंह यादव को 9 अक्टूबर 2024 को तथा पुरुषोत्तम दाधीच को 2 जून 2025 को गिरफ्तार किया था। दोनों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र भी प्रस्तुत किए जा चुके हैं।
एडीजी बंसल ने बताया कि नागेश कुमार यादव लंबे समय से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे तथा उस पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। आखिरकार तकनीकी निगरानी और सीकर पुलिस के सहयोग से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान की सबसे चर्चित भर्ती घोटालों में शामिल एसआई भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक प्रकरण में अब तक कुल 144 आरोपिताें को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसओजी मामले की गहन जांच कर रही है तथा पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

