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एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक: दस हजार का इनामी कोचिंग संचालक व डेंटिस्ट गिरफ्तार

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एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक: दस हजार का इनामी कोचिंग संचालक व डेंटिस्ट गिरफ्तार


जयपुर, 01 जुलाई (हि.स.)। राजस्थान उप निरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने कार्रवाई करते हुए दस हजार रुपये के इनामी कोचिंग संचालक और उसे पेपर उपलब्ध कराने वाले एक डेंटिस्ट को गिरफ्तार किया है। दोनों पर परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को लीक एवं सॉल्व पेपर उपलब्ध कराकर उनका चयन कराने का आरोप है। न्यायालय ने दोनों आरोपिताें को 4 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। मामले में अब तक 149 आरोपिताें की गिरफ्तारी हो चुकी है।

एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि थाना एसओजी में दर्ज प्रकरण की जांच में शाहपुरा स्थित तत्कालीन एमएडी फाउंडेशन कोचिंग के संचालक दिनेश किलका की भूमिका सामने आई। जांच में खुलासा हुआ कि दिनेश ने शाहपुरा निवासी अविनाश पलसानिया से 20 लाख रुपये और सांभर निवासी परमेश चौधरी से 16 लाख रुपये लेकर परीक्षा से पहले सॉल्व पेपर उपलब्ध कराया और पढ़ाया। इसके बाद दोनों अभ्यर्थी अंतिम चयन सूची में उप निरीक्षक बन गए। अंतिम मेरिट सूची में अविनाश की 86वीं और परमेश की 180वीं रैंक रही।

एसओजी दोनों चयनित अभ्यर्थियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अविनाश पलसानिया को 31 अगस्त 2024 और परमेश चौधरी को 23 सितंबर 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपित दिनेश किलका पर एसओजी ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। लगातार तलाश के बाद उसे 29 जून 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में दिनेश किलका ने खुलासा किया कि उसने परीक्षा से पहले लीक हुआ सॉल्व पेपर सीकर निवासी राकेश कुमार गुर्जर से 35 लाख रुपये में खरीदा था। दिनेश की निशानदेही पर एसओजी ने 30 जून को राकेश कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। राकेश सीकर में रेलवे स्टेशन के पास आर.के. डेंटल क्लीनिक संचालित करता है।

पूछताछ में सामने आया कि राकेश कुमार को यह सॉल्व पेपर पेपर लीक गिरोह के सदस्य अरुण शर्मा के माध्यम से मिला था। अरुण शर्मा को एसओजी 11 जुलाई 2024 को ही गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसी के अनुसार, अरुण कुख्यात अनिल उर्फ शेरसिंह मीणा गिरोह से जुड़ा हुआ था और उसके जरिए ही पेपर विभिन्न लोगों तक पहुंचाया गया।

एसओजी ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पेपर लीक सिंडिकेट, करोड़ों रुपए के लेन-देन, नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपिताें और परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों की भूमिका को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। दोनों को 4 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। जांच एजेंसी का मानना है कि पूछताछ में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं तथा मामले में नई गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

गिरफ्तार आरोपित दिनेश किलका (27) सीकर जिले के दांतारामगढ़ क्षेत्र के प्रेमपुरा गांव का निवासी है और घटना के समय शाहपुरा स्थित एमएडी फाउंडेशन कोचिंग का संचालन करता था। वहीं राकेश कुमार गुर्जर (29) सीकर जिले के जाजोत क्षेत्र के गोविंदपुरा गांव का निवासी है और सीकर शहर में डेंटल क्लीनिक संचालित करता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश