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शिवपुरीः करैरा में शासकीय भूमि घोटाले का बड़ा खुलासा, नायब तहसीलदार समेत 7 पर एफआईआर

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शिवपुरीः करैरा में शासकीय भूमि घोटाले का बड़ा खुलासा, नायब तहसीलदार समेत 7 पर एफआईआर


शिवपुरी, 19 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा तहसील अंतर्गत ग्राम जरगंवा अव्वल की शासकीय भूमि में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का सनसनीखेज मामला सामने आया है। तहसीलदार करैरा कल्पना शर्मा की शिकायत पर गुरुवार को थाना दिनारा पुलिस ने पूर्व नायब तहसीलदार सहित सात राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है।

शिवपुरी कलेक्टर के निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर शिवदयाल धाकड़ द्वारा की गई जांच में खुलासा हुआ कि भूमि सर्वे क्रमांक 247 से जुड़े रिकॉर्ड में सुनियोजित तरीके से हेरफेर की गई। जांच प्रतिवेदन के अनुसार आरोपियों ने फर्जी प्रकरण तैयार कर दायरा पंजी में बदलाव किए, खसरा रिकॉर्ड के पन्ने फाड़कर गायब किए और नामांतरण की प्रक्रिया में अवैध हस्तक्षेप किया। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के नामांतरण निरस्त किए गए और शासकीय भूमि के बंटे नंबरों को अवैध रूप से डिलीट कर पुनः जोड़ा गया। इस पूरे घटनाक्रम को एक सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दिया गया।

मामले में तत्कालीन ऑफिस कानूनगो जीवनलाल तिवारी (सेवानिवृत्त), प्रताप पुरी (रिकॉर्ड शाखा प्रभारी), नायब तहसीलदार अशोक श्रीवास्तव, प्रवाचक लोकेन्द्र श्रीवास्तव, नकल शाखा प्रभारी (दिवंगत) लालाराम वर्मा, हल्का पटवारी बृजेश यादव और दिवंगत पटवारी मुकेश चौधरी को आरोपी बनाया गया है। थाना दिनारा पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(a) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इस बड़े खुलासे के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / युगल किशोर शर्मा