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शिमला में ‘किन्नर भेष’ विवाद : बांग्लादेशी छात्र के दस्तावेज वैध मिले, पैसे ऐंठने की शिकायत नहीं

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शिमला, 28 मार्च (हि.स.)। शिमला में किन्नर के भेष में मंदिरों और बाजारों में घूमने को लेकर उठे विवाद में पुलिस जांच के बाद अहम तथ्य सामने आए हैं। जिस युवक को लेकर शहर में चर्चा और शिकायतें सामने आई थीं, उसकी पहचान बांग्लादेश के एक छात्र के रूप में हुई है, जो शिमला के एक निजी विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहा है।

पुलिस के अनुसार अब तक उसकी पहचान से जुड़े दस्तावेज सही और वैध पाए गए हैं और उसके खिलाफ जबरन पैसे ऐंठने की कोई औपचारिक शिकायत भी सामने नहीं आई है। हालांकि मामले की जांच अभी जारी है।

दरअसल, पुलिस को 27 मार्च को एक शिकायत मिली थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि एक व्यक्ति, जो अपनी इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर खुद को बांग्लादेशी मुस्लिम बताता है, शिमला में अलग रूप बनाकर घूम रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया था कि वह कालीबाड़ी मंदिर गया था और लोअर बाजार तथा मिडल बाजार क्षेत्र में साड़ी पहनकर लोगों से पैसे लेता देखा गया।

शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संबंधित व्यक्ति की पहचान इस्लाम मोहम्मद शाहिदुल्ल के रूप में की, जो बांग्लादेश के राजशाही का रहने वाला है। पुलिस जांच में सामने आया कि वह शिमला स्थित निजी यूनिवर्सिटी में बीजेएमसी का छात्र है और वर्ष 2024 से 2028 तक के कोर्स में नामांकित है। फिलहाल वह चौथे सेमेस्टर में पढ़ाई कर रहा है।

पूछताछ के दौरान छात्र ने पुलिस को बताया कि वह किन्नर समुदाय से संबंध रखता है और काली माता की पूजा करता है। इसी वजह से वह कालीबाड़ी मंदिर, जाखू मंदिर और नवरात्रों के दौरान कई बार बाजार और मंदिरों में गया है। पुलिस के अनुसार अब तक किसी भी व्यक्ति ने उसके खिलाफ जबरन पैसे ऐंठने की शिकायत दर्ज नहीं करवाई है। छात्र ने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से कुछ देता है तो वह उसे मना नहीं करता।

जांच के दौरान पुलिस ने उसके पुराने और वर्तमान पासपोर्ट, स्टडी वीज़ा (टाइप S-1), स्टे वीज़ा और राष्ट्रीय पहचान पत्र की भी जांच की, जो सही पाए गए। इसके अलावा विश्वविद्यालय से जुड़े दस्तावेज, फीस स्लिप और शैक्षणिक प्रमाणपत्र भी वैध पाए गए हैं।

बता दें कि इस मामले को लेकर पहले हिन्दू रक्षा मंच की शिकायत के बाद विवाद खड़ा हुआ था। संगठन ने आरोप लगाया था कि एक व्यक्ति किन्नर के भेष में मंदिरों के आसपास घूम रहा है और उसकी पहचान तथा गतिविधियों की जांच की जानी चाहिए। इसके बाद मामला राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा में आया।

इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज कहा था कि यदि कोई विदेशी नागरिक किन्नर के भेष में मंदिर जैसे संवेदनशील स्थानों पर जा रहा है तो इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने इसे सुरक्षा से जुड़ा विषय बताते हुए पूरी जांच की मांग की थी।

वहीं शिमला शहरी क्षेत्र के कांग्रेस विधायक हरीश जनारथा ने भी कहा था कि मामला उनके ध्यान में आया है और इसकी गंभीरता को देखते हुए जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा था कि यदि जांच में कोई अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस का कहना है कि संबंधित छात्र के दस्तावेज जांच में सही पाए गए हैं और किसी तरह की ठगी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पूरे मामले के सभी पहलुओं की जांच अभी जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा